स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई कि देश से लोगों के सुरक्षित निकलने के बाद दोनों प्रतिद्वंद्वी वर्चस्व की अपनी लड़ाई तेज कर देंगे।
विदेशी राजनयिक, कामगार और उनके परिवार नाटकीय तरीके से काफिलों में राजधानी खार्तूम में तनावपूर्ण अग्रिम मोर्चों पर तैनात लड़ाकों से आगे निकल गये हैं और देश के पूर्वी तट की ओर सैकड़ों मील दूर तक पहुंच गये हैं।
यूरोपीय और पश्चिम एशियाई विमान रविवार को दिन-रात तथा सोमवार को भी नागरिकों को निकालने के लिए उड़ान भरते रहे। फ्रांस और जर्मनी ने कहा कि अगर सुरक्षा स्थिति अनुकूल रही तो और अधिक उड़ानें संचालित हो सकती हैं।
लेकिन अनेक सूडानी नागरिकों के लिए हवाई मार्ग से नागरिकों की निकासी इस बात का भयावह संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय शक्तियां संघर्षविराम कराने के प्रयास में बार-बार विफल होने के बाद केवल लड़ाई के हालात बिगड़ने की आशंका व्यक्त कर रही हैं।
खार्तूम और अन्य शहरों में विस्फोटों तथा गोलीबारी के बीच लाखों लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं और सशस्त्र लड़ाके सड़कों पर लूटपाट कर रहे हैं। देश में खाद्य आपूर्ति कम होती जा रही है और अस्पताल पूरी तरह तबाह होने के कगार पर हैं। भोजन और ईंधन की कीमत में उछाल आ रहा है। देश के अधिकांश हिस्सों में बिजली और इंटरनेट काट दिया गया है।
अनेक सूडानी नागरिक मिस्र तथा अन्य देशों के लोगों के साथ जान जोखिम में डालकर अपने वाहनों से मिस्र की ओर जाने वाली उत्तरी सीमा की ओर जा रहे हैं।
मिस्र के छात्र सुलेमान अल-कूनी ने मिस्र के साथ लगे आरकिन सीमा क्षेत्र में कहा, ‘‘हमने अपने जोखिम पर 15 घंटे तक सड़क मार्ग से सफर किया।’’
उसने कहा कि इस सुदूर इलाके में सैकड़ों लोगों को लेकर बसें कतार में खड़ी हैं।
अल-शरीफ (27) अपने लिए, अपनी छोटी बहन, मां, मौसी और दादी के लिए खार्तूम से बाहर पागलों की तरह वाहन की तलाश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मिस्र की सीमा तक जाने के लिए 50 लोगों के लिए एक बस किराये पर लेने के लिए कम से कम 14,000 डॉलर देने होंगे।
मिस्र के अल-अहराम सेंटर फॉर पॉलिटिकल एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज के अल-तावील ने कहा कि जो सूडानी मिस्र जाने का खर्चा उठा सकते हैं, वो तो फिर भी ठीक हैं, लेकिन गरीब लोगों को बहुत नुकसान होगा, क्योंकि उनके पास कोई सहायता या भोजन नहीं है।
सूडान में, वहां की सेना और एक अर्द्धसैनिक समूह के बीच पिछले 10 दिन से जारी भीषण लड़ाई में 420 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 264 आम नागरिक थे। हिंसा में 3,700 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
एपी
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