चंडीगढ़, चार मई पंजाब के तरनतारन जिले में एक कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नाश्ता परोसने के लिए मजबूर किये जाने पर एक सरकारी अध्यायक को निलंबित कर दिया गया है तथा राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा है कि विद्यार्थियों के सम्मान से ‘‘कोई समझौता नहीं किया जा सकता।’’
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई मीडिया की उस खबर के बाद की गई जिसमें गोइंदवाल साहिब के सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुई घटना का उल्लेख किया गया था।
सोशल मीडिया पर इस घटना का कथित वीडियो प्रसारित हुआ है जिसमें देखा जा सकता है कि कुछ विद्यार्थी अपने हाथों में नाश्ते के प्लेट लिये हुए हैं।
तरनतारन के जिला शिक्षा अधिकारी ने रविवार को पंजाबी व्याख्याता-सह-स्कूल प्रभारी गुरप्रताप सिंह को ‘लापरवाही’ को लेकर निलंबित कर दिया।
निलंबन आदेश में कहा गया है कि स्कूल में आयोजित समारोह के दौरान छात्रों से ‘वेटर’ का काम कराया गया था।
शिक्षा मंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘गोइंदवाल साहिब के सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को नाश्ता परोसने के लिए मजबूर किया गया था। इस घोर अनुशासनहीनता का कड़ा संज्ञान लेते हुए स्कूल प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे विद्यार्थियों की गरिमा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। इस तरह का दुर्व्यवहार अस्वीकार्य है और किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’’
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