इम्फाल, नौ जुलाई मणिपुर में बिष्णुपुर जिले के सीमांत क्षेत्रों में चालू खरीफ सत्र के दौरान निर्बाध और शांतिपूर्ण कृषि गतिविधियां सुनिश्चित करने के लिए उड़न दस्ते गठित किए गए हैं।
उपायुक्त पूजा एलंगबाम ने यह बयान जिला स्तरीय सुरक्षा समन्वय समिति की बैठक के दौरान दिया, जिसमें चालू खरीफ सत्र के दौरान शांतिपूर्ण खेती सुनिश्चित करने और आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) के पुनर्वास में तेजी लाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
बयान में कहा गया कि एलंगबाम की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिले की अर्थव्यवस्था के लिए कृषि के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया और कहा गया कि बिष्णुपुर मुख्य रूप से कृषि प्रधान क्षेत्र है, इसलिए उसे निर्बाध और शांतिपूर्ण कृषि गतिविधियां सुनिश्चित करनी चाहिए।
एलंगबाम ने कहा, ‘‘सीमांत क्षेत्रों में शांतिपूर्ण खेती के लिए प्रमुख हितधारकों को शामिल करते हुए उड़न दस्ते भी गठित किए गए हैं।’’
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों से किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित और समन्वय से प्रतिक्रिया देने का आग्रह किया और किसानों से संपर्क करने, जमीनी स्तर पर उनकी शिकायतों का समाधान करने और आवश्यकता पड़ने पर हस्तक्षेप के लिए जिला प्रशासन को सूचित करने के लिए सीमांत क्षेत्रों का नियमित दौरा करने की अपील की।
वर्ष 2023 में हिंसा भड़कने पर बिष्णुपुर जिले के कृषि क्षेत्रों, विशेष रूप से पहाड़ी जिले चुराचांदपुर के निकटवर्ती क्षेत्रों में खेती बुरी तरह प्रभावित हुई थी।
हालांकि, कानून-व्यवस्था में धीरे-धीरे सुधार के साथ, कई जगहों पर खेती फिर से शुरू हो गई है।
बैठक में विस्थापितों के चरणबद्ध पुनर्वास पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
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