नयी दिल्ली, 22 जुलाई राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के प्रमुख ने बुधवार को कहा कि बल असम और बिहार में बाढ़ राहत और बचाव के लिये “मिशन स्तर” पर काम कर रहा है लेकिन यह काम लंबा चलेगा।
एनडीआरएफ के महानिदेशक एस एन प्रधान ने एक वीडियो संदेश में कहा कि संघीय आपदा बल के कुल 16 दल असम में और 20 दल बिहार में तैनात हैं।
बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए प्रधान ने कहा, “बिहार में स्थिति कल थोड़ी ज्यादा गंभीर थी क्योंकि गंडक नदी में करीब पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और उत्तरी बिहार की अन्य नदियों में भी पानी आ रहा था।” उन्होंने कहा, “असम में स्थिति तुलनात्मक रूप से थोड़ी बेहतर है क्योंकि वहां अब उतनी बारिश नहीं हो रही जितनी पहले हो रही थी।”
उन्होंने कहा, हालांकि एनडीआरएफ द्वारा “मिशन स्तर” पर राहत व बचाव कार्य चलाया जा रहा है और जब तक जरूरत होगी यह अभियान चलाया जाएगा।
एनडीआरएफ के महानिदेशक ने कहा, “हम समझते हैं कि जितनी जरूरत है यह उससे संभवत: कहीं ज्यादा लंबा है और एनडीआरएफ इस काम में संलग्न है और हम इसे करने के इच्छुक हैं।”
उन्होंने कहा, “स्थानीय प्रशासन जहां कहीं भी चाहता था वहां दोनों राज्यों में हमनें लोगों को निकालने का काम शुरू कर दिया है।”
प्रधान ने कहा कि इस बार बाढ़ के साथ ही कोविड-19 के प्रसार की “दोहरी चुनौती” का सामना करते हुए राहत कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “हमें सभी ऐहतियात बरतनी होगी। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि एनडीआरएफ कर्मियों को अन्य लोगों को बचाने से पहले खुद का बचाव करना है और इस प्रक्रिया में कुछ लोग संक्रमित हो सकते हैं जैसा चक्रवात अम्फान के दौरान हुआ था।”
असम के 26 जिलों में बाढ़ से करीब 26 लाख लोग प्रभावित हैं जबकि 89 लोगों की जान जा चुकी है।
बिहार सरकार द्वारा मंगलवार को जारी बुलेटिन के मुताबिक राज्य के आठ जिले बाढ़ से प्रभावित हैं जबकि साढ़े तेरह हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
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