देश की खबरें | वीरपुर और वाल्मीकिनगर बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद बिहार में बाढ़ को लेकर चेतावनी जारी

पटना, 29 सितंबर बिहार के वीरपुर और वाल्मीकिनगर बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के उत्तरी, दक्षिणी और मध्य भागों में बाढ़ को लेकर चेतावनी जारी की गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि सीतामढ़ी जिले के बेलसंड के अंतर्गत मधकौल गांव में बागमती नदी का तटबंध रविवार को टूट गया, जिसकी मरम्मत की जा रही है।

सीतामढ़ी के जिलाधिकारी (डीएम) रिची पांडे ने संवाददाताओं को बताया, “इस घटना के मद्देनजर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है और मरम्मत का काम जारी है...अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।”

वीरपुर बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण गोपालपुर के निकट कोसी पूर्वी तटबंध में कल रात रिसाव की भी सूचना मिली, जिसे जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के अभियंताओं ने दुरुस्त कर दिया।

कोसी नदी पर बने वीरपुर बैराज से सुबह पांच बजे तक कुल 6.61 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो 56 वर्षों में सबसे अधिक है।

राज्य जल संसाधन विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, पिछली बार इस बैराज से सबसे अधिक पानी 1968 में 7.88 लाख क्यूसेक छोड़ा गया था।

इससे 13 जिलों के 16.28 लाख से अधिक लोगों की स्थिति और खराब हो सकती है, जो पहले से ही भारी बारिश के कारण जलजमाव से प्रभावित हैं।

इसी तरह गंडक नदी पर बने वाल्मीकिनगर बैराज से शनिवार रात 10 बजे तक 5.62 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। 2003 में छोड़े गए 6.39 लाख क्यूसेक के बाद यह इस बैराज से छोड़ा गया सबसे अधिक पानी है।

एहतियात के तौर पर कोसी बैराज के पास यातायात रोक दिया गया है।

बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने रविवार को ‘पीटीआई-’ से कहा, “जल संसाधन विभाग की टीमें तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं, ताकि कटाव या खतरे का पता चलते ही तुरंत कार्रवाई की जा सके। विभाग के तीन अधीक्षण अभियंता, 17 कार्यपालक अभियंता, 25 सहायक अभियंता और 45 कनिष्ठ अभियंता चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं और उन्हें हमेशा सतर्क रहने को कहा गया है। घबराने की कोई बात नहीं है।”

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