देश की खबरें | सीरो-मालाबार के पांच बिशप ‘होली मास’ विवाद पर पादरियों को जारी की गयी चेतावनी से असहमत

कोच्चि (केरल), 20 जुलाई सीरो-मालाबार कैथोलिक चर्च के पांच बिशप (पादरियों) ने उनके चर्च प्रमुख द्वारा हाल में जारी किये गये परिपत्र से असहमति जतायी है।

चर्च प्रमुख ने परिपत्र में चेतावनी दी है कि ‘होली मास’ (सामूहिक प्रार्थन) परिपाटी में बदलाव का एर्णाकुलम एंगामाली के जिन पादरियों ने विरोध किया है, उन्हें बहिष्कृत कर दिया जाएगा।

इन बिशप ने आरोप लगाया है कि परिपत्र से ‘चर्च की मध्ययुगीन संस्कृति की बू आती है।’

सीरो मालाबार चर्च के प्रमुख राफेल थट्टिल और उनके ‘एपोस्टोलिक प्रशासक बॉस्को पुथुर द्वारा नौ जून को उन पादरियों के लिए चेतावनी के तौर पर यह परिपत्र जारी किया गया जो ‘होली मास’ मनाने के लिए ‘सिनोड’ द्वारा सुझाये गये तौर-तरीकों से असहमत हैं।

जिन बिशप ने विरोधस्वरूप अपनी आवाज बुलंद की है उनमें इफ्रेम नारीकुलम, जोस चिट्टूपारामबिल सीएमआई, जोस पुथेनवीट्टिल, कुरियाकोसे भरणीकुलांगरा और सेब्सटियन अद्यंतराथ शामिल हैं। वे सीरो-मालाबार चर्च के तहत विभिन्न ‘डायसिज (बिशपक्षेत्रों)’ के बिशप हैं।

इन पांच बिशन ने अपने असहमति नोट में कहा, ‘‘ बहिष्कार के बारे में द्वितीय वैटिकन काउंसिल के बाद अब तक नहीं सुना गया। ओरिएंटल कोड ऑफ कैनन लॉ अपने आप ही बहिष्कार का प्रावधान नहीं करता है।’’

इस नोट की प्रति मीडिया के पास उपलब्ध है। चर्च के सूत्रों ने बृहस्पतिवार को इसकी पुष्टि की।

यह असहमति नोट तब आया है जब कुछ दिन पहले सीरो-मालाबार चर्च ने उन पादरियों के अल्टीमेटम जारी किया जिन्होंने इस साल तीन जुलाई से शुरू हो रहे एर्णाकुलम -एंगमाली आर्कडियोसी में समान ‘होली मास’ मनाने के उसके निर्देश को नहीं माना है।

यहां एर्णाकुलम -एंगमाली आर्कडियोसी में कई कैथोलिक गिरजाघरों में रविवार को इस चेतावनी के खिलाफ कुछ लोगों द्वारा प्रदर्शन किया गया।

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