नयी दिल्ली, 15 नवंबर कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल (सीडब्ल्यूआईटी) का पहला चरण दिसंबर, 2024 तक चालू हो सकता है। अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) के पूर्णकालिक निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) करण अडाणी ने यह जानकारी दी।
विकास वित्त निगम (डीएफसी) सीडब्ल्यूआईटी के लिए 55.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर का वित्तपोषण देगा। डीएफसी अमेरिकी सरकार की विकास वित्त संस्था है।
कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल एपीएसईजेड, श्रीलंका के जॉन कील्स होल्डिंग्स (जेकेएच) और श्रीलंका पोर्ट अथॉरिटी (एसएलपीए) के बीच एक संयुक्त उद्यम है।
अडाणी ने कहा, ''कोलंबो बंदरगाह पर, हम दिसंबर, 2024 तक चरण-1 के चालू होने और संचालन की उम्मीद कर रहे हैं। हमने पहले ही अपनी पूंजीगत निवेश की हिस्सेदारी दे दी है।''
उन्होंने आगे कहा, ‘‘कोलंबो बंदरगाह में हमारे संयुक्त उद्यम भागीदार भी हैं, जहां हमारे पास 51 प्रतिशत और अन्य दो साझेदारों- एसएलपीए और जॉन कील्स के पास 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।''
कोलंबो बंदरगाह हिंद महासागर में सबसे बड़ा और व्यस्ततम बंदरगाह है। यह 2021 से 90 प्रतिशत से अधिक क्षमता के साथ काम कर रहा है।
पश्चिम बंगाल ताजपुर बंदरगाह पर एक सवाल का जवाब देते हुए, अडाणी ने कहा, ‘‘हम अब भी परियोजना मिलने के पत्र का इंतजार कर रहे हैं... एक बार जब हमें यह मिल जाएगा, तो पर्यावरणीय मंजूरी और जमीनी कार्य के चलते हमें वहां कोई भी निर्माण शुरू करने से पहले 18 से 24 महीने लगेंगे।’’
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