देश की खबरें | पंजाब के 72 शिक्षकों का पहला बैच फिनलैंड में व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए रवाना हुआ

नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर पंजाब के 72 शिक्षकों का पहला दल व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए शुक्रवार को फिनलैंड के लिए रवाना हुआ।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह राज्य की शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को विदा करते हुए मान ने कहा कि आजादी के बाद उनकी सरकार पहली सरकार है जो शिक्षा क्रांति लाने के लिए शिक्षकों, स्कूलों और छात्रों पर निवेश कर रही है।

मान ने कहा कि यह केवल एक नए देश की यात्रा नहीं है, बल्कि शिक्षकों के लिए पंजाब में बच्चों और शिक्षा के भविष्य को आकार देने के लिए नयी शैक्षणिक तकनीकों, सर्वोत्तम प्रथाओं और अभिनव तरीकों की खोज करने का अवसर है।

एक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है और पंजाब में राज्य सरकार इसमें निरंतर सुधार करने का प्रयास कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक बच्चे को, चाहे उसकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो, उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि यह पहल दिखाती है कि सरकार बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि फिनलैंड को इसलिए चुना गया है क्योंकि यह विश्व स्तर पर सबसे प्रभावी शिक्षा प्रणालियों में से एक के लिए प्रसिद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिनलैंड की शिक्षा समानता, शिक्षकों की स्वायत्तता और छात्र-केंद्रित अध्ययन पर जोर देती है और ये गुण राज्य सरकार अपने शिक्षा प्रणाली में समाहित करना चाहती है।

मान ने आशा व्यक्त की कि इस प्रशिक्षण से उन्हें नयी शिक्षण रणनीतियों, कक्षा प्रबंधन तकनीकों और समग्र दृष्टिकोणों से परिचित होने का अवसर मिलेगा, जो बच्चों को सीखने के केन्द्र में रखेंगे।

मान ने आशा व्यक्त की कि जब शिक्षक वापस लौटेंगे तो वे परिवर्तन के दूत बनेंगे, क्योंकि फिनलैंड में वे जो ज्ञान और कौशल अर्जित करेंगे, उसका पंजाब के व्यापक शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र में भी उपयोग होगा।

बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार में शिक्षा पर मुख्य जोर दिया जा रहा है, इसके विपरीत लगभग 18 राज्यों में भाजपा सरकारों का शिक्षा पर कोई ध्यान नहीं है, बल्कि पार्टी सांप्रदायिक आधार पर वोटों के ध्रुवीकरण को लेकर अधिक चिंतित है।

भारत और कनाडा के बीच बिगड़ते संबंधों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों पंजाबी कनाडा में रहते हैं और वे राज्य की अर्थव्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को विश्व भर के सभी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध सुनिश्चित करने चाहिए क्योंकि यह लोगों के हित में है।

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