वायनाड (केरल), 18 फरवरी केरल के पहाड़ी जिले वायनाड के कम्बामाला जंगलों में दावानल से घास के मैदान के एक हिस्से के नष्ट हो जाने के एक दिन बाद, मंगलवार को फिर मनंतावडी के पास उन्हीं पहाड़ियों में आग भड़क उठी।
वन विभाग को संदेह है कि यह कोई ‘प्राकृतिक घटना’ नहीं थी।
वन अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को अंदरूनी वन में लगभग 10 हेक्टेयर घास का मैदान आग से नष्ट हो गया।
वन एवं अग्निशमन विभागों के अधिकारियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, मंगलवार को एक बार फिर उसी पहाड़ी पर आग की लपटें फैल गईं।
उत्तरी वायनाड के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) मार्टिन लोवेल ने एक वीडियो संदेश में इस घटना पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि आग प्राकृतिक नहीं प्रतीत होती है।
उन्होंने कहा कि किसी ने जानबूझकर आग लगाई होगी, क्योंकि यह घटना जंगल के अंदर घास के मैदानों में हुई, जहां ऐसी आग आमतौर पर प्राकृतिक रूप से नहीं लगती है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘जब हमने स्थिति की जांच की, तो हम समझ पाए कि आग की घटनाएं उन दिनों में हुईं जब क्षेत्र में बाघ की समस्या थी। संदेह है कि जंगल में जानबूझकर आग लगायी गयी।’’
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