गांधीनगर, पांच मार्च सरकारी निकाय भारत सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) और टाटा समूह की कंपनियों... टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और टाटा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग ने गुजरात इकाई के लिए वित्तीय सहायता समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने धोलेरा (एसआईआर) में प्रति माह 50,000 वेफर्स स्टार्ट (डब्ल्यूएसपीएम) की क्षमता वाला सेमीकंडक्टर फैब स्थापित करने के लिए 91,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है।
भारत सेमीकंडक्टर मिशन के माध्यम से केंद्र ने पात्र परियोजना लागत के लिए समान आधार पर 50 प्रतिशत वित्तीय सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई है।
बयान में कहा गया, ‘‘भारत सेमीकंडक्टर मिशन, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लि. (टीईपीएल) और टाटा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लि. (टीएसएमपीएल) ने गुजरात के धोलेरा में भारत के पहले वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में राजकोषीय सहायता समझौते (एफएसए) पर हस्ताक्षर किए हैं।’’
मंत्रिमंडल ने पिछले साल फरवरी में टाटा के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।
टाटा की सेमीकंडक्टर इकाई से 20,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कुशल नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
कंपनी ने संयंत्र के लिए ताइवान की पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन के साथ साझेदारी की है।
यह इकाई ऑटोमोटिव, कंप्यूटिंग, संचार और कृत्रिम मेधा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजारों की जरूरतों को पूरा करेगी, जो भारत को एक प्रौद्योगिकी उपभोक्ता से एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र में बदल देगी।
भारत सेमीकंडक्टर मिशन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुशील पाल ने कहा, ‘‘यह पहल स्वदेशी सेमीकंडक्टर विनिर्माण में भारत की महत्वाकांक्षाओं को रेखांकित करती है। हमें विश्वास है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और इस क्षेत्र में भारत के व्यापक लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)










QuickLY