जरुरी जानकारी | वित्त मंत्रालय की सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक प्रमुखों के साथ 22 दिसंबर को बैठक

नयी दिल्ली, 19 दिसंबर वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार (22 दिसंबर) को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक प्रमुखों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में डूबे कर्ज (एनपीए) के प्रबंधन सहित विभिन्न मापदंडों पर ऋणदाता बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, वित्तीय सेवा सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में दिवाला और ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत स्वीकारने और समाधान के लिए लंबे समय से लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी।

सूत्रों ने कहा कि बैठक में राष्ट्रीय संपत्ति पुनर्निर्माध कंपनी लिमिटेड (एनएआरसीएल) के कामकाज की भी समीक्षा की जाएगी।

एनएआरसीएल एक सरकारी इकाई है, जिसे वर्ष 2021 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की बहुलांश हिस्सेदारी और निजी बैंकों की शेष हिस्सेदारी के साथ शामिल किया गया था। इसमें केनरा बैंक प्रायोजक बैंक था।

यह भारतीय रिज़र्व बैंक के साथ वित्तीय संपत्तियों के प्रतिभूतिकरण और पुनर्निर्माण और सुरक्षा हित प्रवर्तन अधिनियम, 2002 के तहत एक परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी के रूप में पंजीकृत है।

मंत्रिमंडल ने वर्ष 2021 में एनएआरसीएल द्वारा जारी प्रतिभूति रसीदों के लिए 30,600 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।

प्रावधान के अनुसार, एनएआरसीएल खराब ऋण के लिए सहमत मूल्य का 15 प्रतिशत तक नकद भुगतान करेगा और शेष 85 प्रतिशत सरकार द्वारा गारंटीकृत प्रतिभूति रसीदें होंगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने वर्ष 2021-22 के बजट भाषण में घोषणा की थी कि सरकार बैंकिंग प्रणाली में लगभग दो लाख करोड़ रुपये के खराब ऋणों के समाधान के हिस्से के रूप में एक ‘बैड बैंक’ स्थापित करने का इरादा रखती है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)