नयी दिल्ली, 25 अगस्त दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने शुक्रवार को दावा किया कि आम आदमी पार्टी के विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगने के लिए उपराज्यपाल कार्यालय से अभी तक कोई फाइल नहीं मिली है।
गोयल ने यह भी आरोप लगाया कि इस संबंध में उन्हें या विधानसभा के पदाधिकारियों/अधिकारियों को सूचना देने से पहले यह मीडिया में लीक हो गई।
इस सप्ताह की शुरूआत में राज निवास के अधिकारियों ने कहा था कि उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने त्रिपाठी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा चलाने के सतर्कता निदेशालय के अनुरोध को अनुमति के लिए दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष के पास भेजा है।
गोयल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मुझे मीडिया से सूचना मिली कि उपराज्यपाल ने अखिलेश पति त्रिपाठी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधी कानून के तहत फौजदारी मुकदमा चलाने की अनुमति संबंधी फाइल भेजी है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि मेरी अनुमति के लिए उपराज्यपाल की ओर से अभी तक मुझे कोई फाइल नहीं मिली है।’’
विधानसभा अध्यक्ष के इस दावे पर राजनिवास की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
भ्रष्टाचार निरोधी कानून की धारा 19 (1) के तहत विधायकों/सांसदों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सक्षम प्राधिकार (विधानसभा अध्यक्ष/विधानपरिषद के सभापति या लोकसभा अध्यक्ष/राज्यसभा के सभापति) से पूर्वानुमति लेना आवश्यक होता है।
गोयल ने कहा, ‘‘अखिलेश पति त्रिपाठी के खिलाफ कथित शिकायत के गुण दोष पर मैं कोई टिप्पणी नहीं कर सकता हूं, जब तक कि फैसला लेने के लिए मुझे फाइल ना मिल जाए और मैं उसपर दिमाग ना लगा लूं।’’
इसबीच, दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय ने शुक्रवार को विधानसभा सचिव को पत्र लिखकर आप विधायक के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति मांगी है।
मॉडल टाउन से विधायक त्रिपाठी की ओर से भी तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है।
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