देश की खबरें | जम्मू कश्मीर में 18 साल बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास शुरू हुई खेती
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कठुआ, 15 सितंबर जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और नागरिक प्रशासन के संयुक्त प्रयास से अंतरराष्ट्रीय सीमा की ‘जीरो लाइन’ पर 18 वर्ष के अंतराल के बाद खेती शुरू हुई।

पहाड़पुर से हीरानगर सेक्टर में स्थित लोंदी तक बाड़ के समीप 22 सीमावर्ती जिलों में फैली आठ हजार एकड़ भूमि में पाकिस्तान की ओर से आए दिन होने वाले संघर्ष विराम समझौते के उल्लंघन के चलते सीमा पर रहने वाले निवासी नहीं जाते।

यह भी पढ़े | Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश सरकार ने बिना ई-पास के इंटर स्टेट मूवमेंट की दी इजाजत, बसों को इजाजत नहीं.

यहां उगने वाली जंगली वनस्पति से पाकिस्तान की ओर से आने वाले घुसपैठियों को छुपने और सुरंग बनाने में सहायता मिलती है।

कठुआ के जिला विकास अधिकारी ओ पी भगत ने कहा, “उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देश पर, प्रशासन ने बीएसएफ के सहयोग से खेती करना शुरू किया है।”

यह भी पढ़े | Fact Check: उच्च कर व्यवस्था के कारण टोयोटा कंपनी भारत में निवेश करना बंद कर सकती है? केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताई सच्चाई.

पाकिस्तान की तरफ के किसान जीरो लाइन के पास तक खेती करते हैं लेकिन इस पार के किसानों ने गोलाबारी के डर से खेती करना बंद कर दिया था जिससे भारी नुकसान हो रहा था।

भगत ने कहा, “पहले चरण में डेढ़ सौ एकड़ भूमि पर खेती की जाएगी। यह प्रक्रिया तब तक चलती रहेगी जब तक पूरी आठ हजार एकड़ जमीन पर खेती शुरू नहीं हो जाती।”

सीमा के पास खेती के लिए बीएसएफ ने बुलेट प्रूफ ट्रेक्टर और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)