नयी दिल्ली, पांच दिसंबर सरकार के साथ पांचवें दौर की बातचीत में किसानों का समूह ‘मौन व्रत’ पर रहा और उसने तीनों नये कृषि कानूनों को वापस लेने की अपनी मुख्य मांग पर ‘हां’ या ‘नहीं’ में जवाब मांगा। किसान नेताओं ने यह जानकारी दी।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समेत तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ करीब चार घंटे तक चली बैठक में किसान नेताओं ने सरकार से साफ-साफ ‘हां’ या ‘नहीं’ में इस बारे में जवाब देने को कहा कि वह कानूनों को निरस्त करेगी या नहीं।
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पंजाब किसान यूनियन के नेता रुलधू सिंह ने कहा, ‘‘किसान यूनियन के नेता ‘मौन व्रत’ पर बैठे हैं।’’
ऑल इंडिया किसान संघर्ष को-आर्डिनेशन कमेटी (एआईकेएससीसी) की कविता करुगंती ने कहा कि सरकार किसान नेताओं के सीधे-सीधे सवालों का जवाब नहीं दे रही।
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पंजाब किसान यूनियन के कानूनी सलाहकार गुरलाभ सिंह महल ने कहा कि किसान नेता सरकार से ‘हां’ या ‘नहीं’ में जवाब चाहते हैं।
बैठक में मौजूद कुछ किसान नेता अपने होठों पर अंगुली रखे हुए और ‘हां’ या ‘नहीं’ लिखा कागज हाथ में लिये हुए दिखे।
करुगंती ने कहा, ‘‘प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों ने मौन रहने का फैसला किया है। सरकारी पक्ष हमसे बुलवाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन हमारी तरफ से पूरी तरह मौन है।’’
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