एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर किसानों ने किया लखनऊ में प्रदर्शन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. किसानों के बकाया गन्ना मूल्य और उस पर देय ब्याज के भुगतान की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों ने बृहस्पतिवार को राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन किया।

देश की खबरें | बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर किसानों ने किया लखनऊ में प्रदर्शन

लखनऊ, 15 जुलाई किसानों के बकाया गन्ना मूल्य और उस पर देय ब्याज के भुगतान की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों ने बृहस्पतिवार को राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन किया।

राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के नेतृत्व में यह प्रदर्शन राजधानी लखनऊ स्थित गन्ना संस्थान परिसर में किया गया। संगठन के संयोजक वी. एम. सिंह ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में आए किसानों ने प्रदर्शन में शिरकत की। इस दौरान गन्ना विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने किसानों की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।

सिंह ने कहा कि राज्य में चीनी मिलों पर किसानों का 11 हजार करोड़ रुपये गन्ना मूल्य अब भी बकाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के वक्त 14 दिन के अंदर किसानों का पूरा बकाया गन्ना मूल्य चुकाने या फिर उस पर ब्याज देने का वादा किया था, लेकिन वह खोखला साबित हुआ।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर गन्ना किसानों के बकाये पर ब्याज नहीं मिलेगा तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को इसके सियासी अंजाम भुगतने होंगे। उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के साढ़े तीन करोड़ वोट हैं। ढाई करोड़ या तीन करोड़ वोटों से तो पूरी सरकार बनती है। भाजपा किसानों को हल्के में ना लें।’’

सिंह ने 27 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में कहा था "प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों से वादा किया था कि अगर भाजपा की सरकार बनती है तो हम 14 दिन में गन्ना किसानों का बकाया भुगतान करेंगे, नहीं तो ब्याज देंगे। उस वादे पर यकीन करते हुए किसानों ने भाजपा की सरकार बनवाई लेकिन ना तो 14 दिन में भुगतान मिला और ना ही ब्याज का वादा निभाया गया। गन्ना किसान प्रधानमंत्री के वादे पर अमल का साढ़े चार साल तक इंतजार करते रहे।"

संगठन से जुड़े किसानों ने छह जुलाई से 12 जुलाई तक प्रदेश के सभी जिलों में जिलाधिकारी कार्यालय उप जिला अधिकारी कार्यालयों, तहसील दफ्तरों तथा गन्ना समिति परिसरों में धरना प्रदर्शन किया था।

किसानों की मांग है कि पेराई सत्र 2020-21 का संपूर्ण गन्ना मूल्य तत्काल चुकाया जाए, वर्ष 2011-12 के ब्याज का भुगतान 15 फीसद की दर से हो और 2012-13 से 2014-15 तक के ब्याज का भुगतान गन्ना आयुक्त के मार्च 2019 के आदेश के तहत किया जाए, जबकि पेराई सत्र 2015-16 से 2020-21 तक का ब्याज का भुगतान 15 फीसद प्रतिवर्ष की दर से किया जाए। इसके अलावा गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल सुनिश्चित किया जाए।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 15, 2021 09:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).