देश की खबरें | खनौरी सीमा पर किसान घायल: अमरिंदर सिंह ने हरियाणा पुलिस की ‘बर्बर’ कार्रवाई की निंदा की

चंडीगढ़, 25 फरवरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अमरिंदर सिंह ने रविवार को खनौरी सीमा पर विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए एक किसान के खिलाफ ‘हिंसा के बर्बर कृत्य’ के लिए हरियाणा पुलिस की निंदा की।

खनौरी सीमा पर किसान फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गांरटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी आग्रह किया।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ मैं हमारे युवा किसान प्रीतपाल सिंह के खिलाफ हरियाणा पुलिस द्वारा की गई बर्बरतापूर्ण हिंसा की कड़ी निंदा करता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से आग्रह करता हूं कि उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए जो लोगों को लंगर परोस रहे एक निहत्थे युवक को बुरी तरह से पीटने के दोषी हैं।’’

प्रदर्शनकारी किसानों ने रविवार को डब्ल्यूटीओ समझौते पर एक संगोष्ठी आयोजित की। इसमें शामिल किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने शंभू सीमा पर संवाददाताओं से कहा कि वे कृषि क्षेत्र को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) समझौते से बाहर करने की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, 26 फरवरी को किसान डब्ल्यूटीओ और केंद्र के पुतले जलाएंगे।

किसान नेताओं ने भी किसान को लगी चोटों को लेकर हरियाणा पुलिस पर निशाना साधा।

किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा ने कहा कि हरियाणा के पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर प्रीतपाल सिंह को जब घसीटा तब वह पंजाब-हरियाणा की खनौरी सीमा पर ‘लंगर सेवा’ कर रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें ट्रैक्टर ट्रॉली से खींचकर पीटा गया और बाद में उनको रोहतक के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन हमने उन्हें चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में स्थानांतरित करवा दिया है।’’

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने रविवार को कहा कि प्रीतपाल सिंह को कई चोटें आई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं।’’

पंधेर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आगे आना चाहिए और प्रदर्शनकारी किसानों की मांगों को स्वीकार करना चाहिए ताकि केंद्र और किसान नेताओं के बीच जारी गतिरोध समाप्त हो।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को ऐसे ‘बर्बर कृत्य’ करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए।

इससे पहले 18 फरवरी को चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच चौथी दौर की हुई बैठक भी बेनतीजा रही थी।

इससे पहले गत बुधवार को बठिंडा के मूल निवासी शुभकरण सिंह (21) की खनौरी सीमा पर सुरक्षाकर्मियों से झड़प के दौरान मौत हो गई थी। झड़प तब शुरू हुई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों द्वारा लगाए गए अवरोधकों को जबरन तोड़ने की कोशिश की।

शुभकरण सिंह का अब तक अंतिम संस्कार नहीं हुआ है क्योंकि किसान नेता उनकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पंजाब सरकार द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिए जाने पर अड़े हैं।

संगोष्ठी के बाद पंधेर ने दावा किया कि डब्ल्यूटीओ समझौते का किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

यह संगोष्ठी 164 देशों के व्यापार मंत्रियों के सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में एकत्रित होने से एक दिन पहले आयोजित की गई थी। इस सम्मेलन में कृषि, मत्स्य पालन सब्सिडी और ई-कॉमर्स व्यापार पर सीमा शुल्क लगाने पर रोक जैसे क्षेत्रों से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

पंधेर ने कहा, ‘‘1995 से पहले, भारत अपनी स्वतंत्र कृषि नीति के अनुसार चलता था, लेकिन जब भारत ने डब्ल्यूटीओ में प्रवेश किया तो चीजें बदल गईं।’’

उन्होंने कहा कि तर्क यह दिया जा रहा है कि अगर फसलों के एमएसपी पर कानूनी गारंटी दी जाती है, तो इससे कीमतें बढ़ेंगी। उन्होंने कहा, ‘‘इससे हम सहमत नहीं हैं।’’

पंधेर ने कहा, ‘‘इसके विपरीत, जिन फसलों पर एमएसपी नहीं है, वे अधिक महंगी हैं। जब तक भारत सरकार कृषि क्षेत्र को डब्ल्यूटीओ नीति से बाहर नहीं निकालती, तब तक देश के किसानों को न्याय नहीं मिलेगा।’’

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और कृषि ऋण माफी सहित अपनी अन्य मांगों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के वास्ते ‘दिल्ली चलो’ मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं।

खनौरी में 21 फरवरी को हुई झड़प में एक प्रदर्शनकारी किसान की मौत हो जाने और लगभग 12 पुलिसकर्मियों के घायल होने के बाद किसान नेताओं ने ‘दिल्ली चलो’ मार्च को दो दिनों के लिए रोक दिया था।

दो दिन बाद किसान नेताओं ने कहा कि प्रदर्शनकारी 29 फरवरी तक हरियाणा और पंजाब की सीमा पर स्थित खनौरी और शंभू बॉर्डर पर डेरा डाले रहेंगे।

केएमएम नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा है कि वे 29 फरवरी को अपनी अगली कार्रवाई की घोषणा करेंगे।

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