देश की खबरें | हरियाणा में किसान खुश, कुछ हताश नेता उनका इस्तेमाल अपने हित के लिए कर रहे हैं: खट्टर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य में किसानों के खुश होने का दावा करते हुए मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के नेताओं राकेश टिकैत और गुरनाम सिंह चढूनी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि कुछ ‘‘हताश’’ नेता किसानों का इस्तेमाल अपने हित साधने के लिए कर रहे हैं।
चंडीगढ़, नौ फरवरी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य में किसानों के खुश होने का दावा करते हुए मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के नेताओं राकेश टिकैत और गुरनाम सिंह चढूनी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि कुछ ‘‘हताश’’ नेता किसानों का इस्तेमाल अपने हित साधने के लिए कर रहे हैं।
दिल्ली में 26 जनवरी को हिंसा के बाद किसान आंदोलन अपनी गति खोने लगा था, लेकिन उत्तर प्रदेश से बीकेयू नेता टिकैत की भावनात्मक अपील से प्रदर्शन में नयी जान आ गई थी। टिकैत ने पिछले एक हफ्ते में हरियाणा में कई किसान महापंचायतों को संबोधित किया है।
खट्टर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि तीन कृषि कानूनों को किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है लेकिन कुछ हताश नेता हैं जिनकी मंशा कुछ और है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘चाहे वह चढूनी हों या राकेश टिकैत, वे किसानों के हित में कुछ नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय वे किसानों का इस्तेमाल अपने हितों की पूर्ति करने के लिए कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि हरियाणा में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार किसानों को कई सुविधाएं दे रही है, उनके लिए कई योजनाएं शुरू की हैं और साथ ही फसलों की बाधा रहित खरीद भी सुनिश्चित की है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हरियाणा में किसान खुश हैं। जिन कुछ लोगों को गुमराह किया गया है, हम उनसे बैठकर बातचीत करने की अपील करते हैं। चर्चा (कृषि कानूनों पर) के बाद, अगर सरकार को लगता है कि कुछ चीजों को सही करने की आवश्यकता है, तो निश्चित रूप से वह किया जाएगा।’’
विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के हजारों किसान पिछले दो महीनों से दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं। इनकी मांग है कि केंद्र द्वारा लाये गए तीन नये कृषि कानूनों को निरस्त किया जाए। उनका दावा है कि ये कानून कॉर्पोरेट समर्थक हैं और मंडी प्रणाली को कमजोर कर सकते हैं।
केंद्र और 41 प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों के बीच 11 दौर की वार्ता गतिरोध समाप्त करने में विफल रही है। हालांकि केंद्र ने कानून का कार्यान्वयन 18 महीनों के लिए निलंबित करने सहित रियायतों की पेशकश की है जिसे यूनियनों ने खारिज कर दिया है।
हालांकि, केंद्र ने कहा है कि ये नये कानून किसानों के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करेंगे और कृषि में नई तकनीक लाएंगे।
इस सवाल पर कि क्या किसान इस साल के राज्य के बजट में कुछ विशेष की उम्मीद कर सकते हैं, खट्टर ने कहा, ‘‘जब बजट तैयार किया जाता है, तो विभिन्न वर्गों के लिए जो भी आवश्यक होता है, हम वे प्रावधान करते हैं। किसानों के लिए भी, हम प्रावधान करते हैं और इस वर्ष भी हम उनके लिए कुछ अच्छी चीजें करेंगे।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 09, 2021 08:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

