पटना, आठ जून बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सोमवार को कहा कि प्रदेश में बढ़ती जनसंख्या से चिंतित राज्य सरकार ने पृथक-वास केन्द्रों में रह रहे लोगों को केवल स्वास्थ्य, योग आदि का प्रशिक्षण और उनकी कौशल मैपिंग ही नहीं की, बल्कि वहां से जाते वक्त उन्हें परिवार नियोजन से संबंधित जानकारियां व गर्भ निरोधक सामग्रियां भी दी गईं।
सुशील ने बताया कि अप्रैल में जहां 2.14 लाख तो मई में जब पृथक-वास केन्द्र में बाहर से आने वालों की संख्या बढ़ी तो 15.39 लाख कंडोम का वितरण किया गया।
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उन्होंने कहा कि प्रत्येक दशक के दौरान बिहार की जनसंख्या में 25 फीसदी की वृद्धि हो रही है, वैसे लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा, बाल विवाह निषेद्य व अन्य निरोधात्मक उपायों को अपना कर पिछले एक दशक में प्रजनन दर को 4.3 से घटा कर 3.2 पर लाने में सफलता मिली है।
सुशील ने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए फ्रंट लाइन आशा कार्यकर्ताओं और एनएनएम द्वारा कोरोना संक्रमण का घर-घर सर्वें के दौरान और 14 दिन की पृथक-वास अवधि पूरी कर घर जाने वालों को परिवार नियोजन के बारे में सजग किया गया तथा जिन्हें जरूरत थी, उन्हें दो-दो पैकेट कंडोम उपलब्ध कराए गए।
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उन्होंने कहा कि योग्य दम्पतियों को उनकी इच्छानुसार इस दौरान करीब 11 लाख दैनिक व आपातकालीन गर्भ निरोधक गोलियों का भी वितरण किया गया।
सुशील ने अपील की कि प्रत्येक स्वास्थ्य केन्द्र पर भी गर्भ निरोधक सामग्रियां उपलब्ध है, जिन्हें जरूरत हो वहां से ले सकते हैं।
अनवर
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