जयपुर, 19 जुलाई राजस्थान राज्य मेला प्राधिकरण विधेयक व विनियोग (संख्या-3) विधेयक, बुधवार को राजस्थान विधानसभा में पारित किए गए।
राजस्थान राज्य मेला प्राधिकरण विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए देवस्थान मंत्री शकुंतला रावत ने कहा कि राज्य में मेलों के सुरक्षित आयोजन, सुव्यवस्थित प्रबंधन एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए यह विधेयक लाया गया है।
उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत राज्य के प्रत्येक जिले में सम्बन्धित सभी विभागों को शामिल करते हुए एक प्रभावी प्राधिकरण और जिला समितियों की स्थापना और उनका गठन किया जाएगा। इनके माध्यम से मेलों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बिजली, पानी, शौचालय, पार्किंग, परिवहन एवं ठहरने आदि की व्यवस्थाएं एवं सुविधाएं सुनिश्चित हो सकेंगी।
सदन ने राजस्थान सहकारी सोसायटी (संशोधन) विधेयक – 2023 को भी ध्वनिमत से पारित किया। विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा कि विधेयक से राज्य में सहकारिता आंदोलन को और मजबूती मिलेगी। इससे आमजन को राहत मिलेगी और गृह निर्माण सहकारी समितियों द्वारा भूखण्ड आवंटन में की जाने वाली धोखाधड़ी पर रोक लगेगी।
इसी तरह राजस्थान विधियां निरसन विधेयक -2023 भी ध्वनिमत से पारित किया गया। इस पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने कहा कि राज्य सरकार जन सामान्य के प्रति राज्य की विधिक प्रणाली को अधिक सुगम बनाने तथा इसमें सुधार करने लिए निरन्तर प्रयासरत है। इस विधेयक के माध्यम से अप्रचलित एवं अनावश्यक 133 अधिनियमों को निरसित किया जाएगा।
सदन में राजस्थान विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2023 पारित किया गया। इससे पहले विधानसभा ने अनुपूरक अनुदान की मांगे वर्ष 2023-24 (प्रथम संकलन) को भी पारित किया गया।
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