जरुरी जानकारी | गरीबों को मुफ्त राशन देने की योजना के तथ्य

नयी दिल्ली, 28 सितंबर सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) को तीन महीने यानी दिसंबर, 2022 तक बढ़ा दिया है। इस योजना की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं।

...राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत आने वाले करीब 80 करोड़ गरीबों को बिना किसी लागत के प्रति व्यक्ति पांच किलो खाद्यान्न (चावल और गेंहू) अतिरिक्त दिया जाता है।

....कोरोना वायरस महामारी और उसकी रोकथाम के लिये देशव्यापी ‘लॉकडाउन’ से प्रभावित गरीबों को राहत देने के लिये प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अप्रैल, 2020 में तीन महीने के लिये लायी गयी थी।

...पीएमजीकेएवाई को छह बार बढ़ाया गया है। पहला चरण: अप्रैल-जून 2020 था।

...दूसरा चरण: जुलाई-नवंबर 2020।

...पहले चरण में अप्रैल-जून के दौरान 19.4 करोड़ लाभार्थी परिवारों को एक किलो दाल भी दी गई। दूसरे चरण में एक किलो चना भी प्रति व्यक्ति दिया गया।

...कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के बाद योजना फिर से पेश की गयी।

....तीसरा चरण : मई-जून 2021 था। इस चरण से दाल का वितरण बंद कर दिया गया।

...चौथा चरण: जुलाई-नवंबर 2021।

...पांचवां चरण: दिसंबर 2021 से मार्च 2022।

...छठा चरण: अप्रैल-सितंबर 2022

...सातवां चरण: अक्टूबर-दिसंबर 2022।

...पहले से छठे चरण में योजना के तहत कुल खर्च 3.45 लाख करोड़ रुपये रहा।

...सातवें चरण में 1.22 करोड़ टन गेहूं और चावल का आवंटन किया गया है। इस पर 44,762 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है।

...पूरे सातों चरण में खर्च 3.91 लाख करोड़ रुपये जबकि खाद्यान्न आवंटन 11.21 करोड़ टन।

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