नयी दिल्ली, 24 जुलाई सरकार ने पिछले दो वर्षों में दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की दो प्रमुख प्रदर्शनियों का आयोजन किया।
पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बृहस्पतिवार को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पहली प्रदर्शनी 22 फरवरी से 19 मार्च, 2024 तक थाईलैंड में आयोजित की गई, जिसमें भगवान बुद्ध और उनके अनुयायियों के अवशेषों को चार स्थानों पर प्रदर्शित किया गया। लगभग 40 लाख श्रद्धालुओं ने इन अवशेषों के दर्शन किए।
शेखावत के अनुसार, दूसरी प्रदर्शनी 2 मई से 2 जून, 2025 तक वियतनाम में आयोजित की गई, जिसमें आंध्र प्रदेश के नागार्जुनकोंडा से लाए गए पवित्र अवशेष वेसाक उत्सव के दौरान नौ स्थलों पर प्रदर्शित किए गए। इस आयोजन में लगभग 1.8 करोड़ श्रद्धालु सम्मिलित हुए।
उन्होंने कहा कि इन पहलों से भारत और संबंधित देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा मिला है।
शेखावत ने बताया कि भारत, आसियान-भारत सहयोग ढांचे के तहत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ पर्यटन और सांस्कृतिक साझेदारी को बढ़ावा दे रहा है और इन देशों में बड़ी संख्या में बौद्ध जनसंख्या है। इस संदर्भ में भारत आसियान के साथ ‘आसियान सांस्कृतिक धरोहर सूची’ के विकास हेतु एक व्यवहार्यता अध्ययन में सहयोग कर रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को 'आसियान-भारत पर्यटन वर्ष' घोषित किया गया है और भारत सरकार ने इस अवसर के उपलक्ष्य में आयोजनों व पहलों के लिए आसियान-भारत कोष से 50 लाख अमेरिकी डॉलर की सहायता की घोषणा की है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY