नयी दिल्ली, चार मई दिल्ली उच्च न्यायालय सोमवार को आम आदमी पार्टी के नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। ये याचिकाएं कथित आबकारी नीति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर की गई हैं।
ये याचिकाएं 2024 में दायर की गई थीं। ये याचिकाएं न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, विशेष अदालत ने घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान लिया, जबकि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए कोई मंजूरी नहीं ली गई थी। केजरीवाल ने अपनी याचिका में कहा कि यह मंजूरी आवश्यक थी, क्योंकि कथित अपराध के समय वह लोक सेवक थे।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने भी इसी तरह की आपत्तियां उठाई हैं। सिसोदिया ने अपनी याचिका में कहा कि चूंकि उनके खिलाफ आरोप एक लोक सेवक के तौर पर उनके द्वारा किए गए आधिकारिक कार्यों से संबंधित हैं, इसलिए मुकदमा चलाने के लिए पूर्व मंजूरी की आवश्यकता है।
निचली अदालत के आदेश को रद्द करने के अनुरोध के अलावा केजरीवाल ने मामले में सभी कार्यवाही रद्द करने का भी याचिका में अनुरोध किया है।
उच्च न्यायालय ने केजरीवाल की याचिका पर 21 नवंबर 2024 को ईडी को नोटिस जारी किया और उस स्तर पर निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। सिसोदिया की याचिका पर एजेंसी को दो दिसंबर 2024 को नोटिस जारी किया गया।
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