नयी दिल्ली, सात फरवरी दिल्ली उच्च न्यायालय की एक न्यायाधीश ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाला मामले में आरोपी कारोबारी विजय नायर की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।
नायर ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि जांच एजेंसियां मामले से जुड़ी संवेदनशील जानकारी मीडिया को लीक कर रही हैं।
याचिका में प्रतिवादियों की सूची का अध्ययन करने के बाद न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई नहीं कर सकती हैं।
आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों में आरोपी नायर ने यह याचिका दायर की थी। इस मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही है।
नायर ने नवंबर 2022 में अदालत में अर्जी देकर कहा था कि जांच एजेंसियों द्वारा मामले से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं मीडिया में लीक की जा रही हैं, जिसका आरोपी के तौर पर उनके अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
संक्षिप्त सुनवाई के दौरान ईडी के वकील ने कहा कि इससे जुड़़ा फौजदारी मामला निचली अदालत में लंबित है, जिसमें वादी/प्रतिवादी तमाम दस्तावेजों और सबूतों का हवाला देते हैं और खुली अदालत होने के कारण मीडियाकर्मियों से भरी रहती है।
उन्होंने यह भी बताया कि मीडियाकर्मियों द्वारा पीछा किए जाने पर ईडी के अधिकारी और वकील वहां से भागते हैं और वह इतना ही कर सकते हैं।
न्यायाधीश ने यह भी कहा कि खुली अदालत है, जिसमें हाइब्रिड सुनवाई भी हो रही है और सबूतों को पढ़ा जा रहा है, ऐसे में मीडिया को कैसे रोका जा सकता है।
उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘अभी भी वहां लोग हैं। वे लोग यहां ऑनलाइन भी मौजूद हैं, ऐसे में आप कैसे रोकेंगे।’’
ईडी के वकील ने अदालत को बताया कि एजेंसी ने इस संबंध में अभी तक सिर्फ एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है।
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