देश की खबरें | ‘सबूत नष्ट हो सकते हैं’ : पुलिस ने नताशा नरवाल की याचिका का विरोध करते हुए कहा

नयी दिल्ली, 18 अगस्त दिल्ली पुलिस ने अदालत की अनुमति के बिना राष्ट्रीय राजधानी नहीं छोड़ने की जमानत की शर्त में सुधार करने के लिए जेएनयू छात्रा नताशा नरवाल की अर्जी का बुधवार को विरोध किया और कहा कि वह सबूत नष्ट कर सकती है।

उत्तरपूर्वी दिल्ली में हुए दंगा मामले में आरोपी नरवाल ने 2020 के उस जमानत आदेश में सुधार की मांग की जिसमें उसे दिल्ली छोड़कर नहीं जाने का निर्देश दिया गया है। नरवाल ने कहा कि उसे अपनी पीएचडी के लिए शोध करने के वास्ते बाहर जाना पड़ता है और साथ ही अपने पैतृक आवास भी जाना होता है लेकिन उसे हर बार अदालत से अनुमति मांगनी पड़ती है।

सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक राजीव कृष्ण शर्मा ने इस अर्जी का विरोध किया और अदालत को बताया कि नरवाल एक साजिशकर्ता है तथा अगर दिल्ली नही छोड़ने की शर्त में बदलाव किया गया तो वह सबूत नष्ट कर सकती है या फरार हो सकती है।

शर्मा ने कहा कि उसके खिलाफ साजिश के आरोप हैं और एक साजिशकर्ता हमेशा खतरनाक व्यक्ति होता है क्योंकि वह सबूत नष्ट कर सकता है। उन्होंने पूछा, ‘‘अगर कल वे विदेश चलीं जाएं या फरार हो जाए तो उन्हें कौन पकड़ेगा?’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब वे दंगा करने की साजिश रच रहे थे तो वे पीएचडी भी कर रहे थे। कई लोग मर गए। अदालत समझ सकती है कि वे पीएचडी के नाम पर क्या कर रहे थे।’’

इस बीच नरवाल की ओर से पेश वकील कुनाल नेगी और अदिति एस पुजारी ने अदालत को बताया कि वह तीन मामलों में आरोपी है लेकिन अदालत ने बाकी के दो मामलों में जमानत देते हुए उस पर कोई शर्त नहीं लगायी है।

नरवाल के साथ ही कई अन्य पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया और उन पर फरवरी 2020 में हुई हिंसा के ‘‘मास्टरमाइंड’’ होने का आरोप है जिसमें 53 लोगों की मौत हो गयी थी और 700 से अधिक घायल हुए थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)