देश की खबरें | दंगों के एक साल बाद भी पीड़ितों को मुआवजे के नाम पर मिले चंद हजार रुपये

नयी दिल्ली, 25 फरवरी दिल्ली में पिछले साल हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद सरकार ने दंगों का दंश झेलने वाले लोगों के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए मुआवजे का ऐलान तो किया था लेकिन एक साल बीत जाने के बावजूद दंगा पीड़ितों को मुआवजे के नाम पर चंद हजार रुपये ही दिए गए हैं।

फरवरी 2020 के अंतिम सप्ताह में उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में हुए दंगों के दौरान काफी लोगों के घर और दुकानें बर्बाद हो गईं थी।

उस वक्त दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया था कि दंगों में जिनके घरों को पूरी तरह से जला दिया गया है, उन्हें पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा जबकि जिनके घर क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें ढाई लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।

इसके बाद उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मार्च में कहा था कि घर की हर मंजिल को एक आवासीय इकाई माना जाएगा और पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। व्यावसायिक संपत्ति के मामले में अधिकतम पांच लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की गई थी।

लेकिन साल भर बीत जाने के बावजूद दंगा पीड़ित मुआवाजे के लिए एसडीएम के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।

मौजपुर चौक के पास नहर बाजार में स्थित करीब सात दुकानें, 24 फरवरी को सबसे पहले आग के हवाले की गईं थी। इनमें शहज़ाद की पुराने कपड़ों की दुकान भी शामिल थी।

शहजाद ने पीटीआई- को बताया, “23 फरवरी को दोनों ओर से पथराव होने के बाद हम दुकान बंद करके चले गए थे। अगले दिन 24 फरवरी को भी माहौल तनावपूर्ण था तो हम सुबह में ही दुकान बंद करके वापस चले गए। ' '

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