नयी दिल्ली, 10 अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि स्वतंत्रता दिवस के आसपास ‘‘पतंगबाजी के मौसम’’ के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में चीनी मांझा की बिक्री न हो।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने उल्लेख किया कि दिल्ली पुलिस ने चीनी मांझा की बिक्री को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं और इसके खतरे से निपटने के प्रयास में 16 फरवरी से तीन अगस्त तक 284 मामले भी दर्ज किए हैं।
अदालत ने एक आदेश में कहा, ‘‘यह निर्देश दिया जाता है कि दिल्ली पुलिस स्वतंत्रता दिवस के आसपास पतंगबाजी के मौसम में दिल्ली में चीनी मांझा की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कदम उठाना जारी रखेगी।’’
अदालत उन लोगों के परिवार के सदस्यों की चार याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जो मोटरसाइकिल चलाते समय चीनी मांझे की चपेट में आकर मर गए या घायल हो गए। याचिकाकर्ताओं ने प्राधिकारियों से कार्रवाई सुनिश्चित करने और मुआवजा देने की मांग की है।
अदालत ने आठ अगस्त के आदेश में कहा कि पुलिस द्वारा दाखिल एक स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिबंधित मांझे के स्टॉक, बिक्री, भंडारण और निर्माण पर प्रतिबंध लागू करने और जरूरत के अनुसार कानूनी कार्रवाई करने का प्रयास किया गया है।
स्थिति रिपोर्ट में कहा गया है कि पतंग और मांझा के थोक विक्रेताओं के साथ एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें उन्हें नायलॉन, प्लास्टिक या चीनी मांझा के समान किसी अन्य सिंथेटिक सामग्री से बने पतंग उड़ाने वाले धागे पर पूर्ण प्रतिबंध के बारे में बताया गया था तथा प्रतिबंधित उत्पाद बेचने वालों के बारे में जानकारी साझा करने का निर्देश दिया गया था।
अदालत ने पुलिस से पांच अक्टूबर को सुनवाई की अगली तारीख तक नयी स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। उसने दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण से भी इस पर गौर करने को कहा कि क्या चीनी मांझा से घायल हुए पीड़ित किसी मुआवजे के हकदार हैं।
अदालत ने 10 फरवरी को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले चीनी सिंथेटिक मांझा के निर्माण, बिक्री, खरीद और भंडारण की जांच करने का निर्देश दिया था।
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