नयी दिल्ली, 24 जुलाई प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन से जुड़े एक मामले में भारतीय राजस्व सेवा के एक अधिकारी की 3.88 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। अधिकारी कोलकाता और अन्य शहरों में आयकर विभाग की जांच शाखा में कार्यरत रहे हैं।
केन्द्रीय जांच एजेंसी द्वारा जारी बयान के अनुसार, धन शोधन निषेध कानून के तहत उसने मुंबई स्थित 3.15 करोड़ रुपये की आवासीय संपत्ति और 73.16 लाख रुपये की बैंक में जमा राशि को कुर्क करने के प्रोविजनल आदेश दिए हैं।
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ईडी ने 2017 में कोलकाता पुलिस द्वारा आईआरएस अधिकारी नीरज सिंह और उनके साथी गोविंद अग्रवाल के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन का मामला दर्ज किया है।
ईडी का कहना है कि कोलकाता में आयकर विभाग के तत्कालीन अतिरिक्त आयुक्त सिंह पर कोलकाता पुलिस ने ‘‘अपने अधिकारों और सरकारी कर्मचारी को प्राप्त शक्तियों का गलत उपयोग करने और अवैध तरीके से ढेरों रुपये जमा करने का आरोप लगाया था।’’
एजेंसी का कहना है, जांच में पता चला कि ‘‘सिंह ने अग्रवाल को मुखौटा बनाकर विभिन्न कंपनियों के बैंक खातों के जरिए गड़बड़ी की है।’’
बयान के अनुसार, ‘‘अग्रवाल गलत तरीके से कमाए गए सिंह के धन को अपनी कंपनियों में लगाता था। वह सिंह के निजी खर्च जैसे विमान की टिकट, यात्रा पर आए खर्च, होटल का बिला आदि भी दिया करता था।’’
एजेंसी का दावा है कि सिंह ने 2014 में मुंबई में अपने एक रिश्तेदार के नाम पर आवासीय संपत्ति खरीदी।
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