ताजा खबरें | ऊर्जा विधेयक चर्चा दो अंतिम लोस

चर्चा में भाग लेते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद हसनैन मसूदी ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के अधिक से अधिक उपयोग पर जोर देना चाहिए ताकि कार्बन उत्सर्जन कम से कम हो।

उन्होंने दावा किया कि नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को लेकर जितने कारगर कदम उठाये जाने चाहिए थे, वो सरकार ने नहीं उठाए।

कांग्रेस के एमके विष्णु प्रसाद ने दो औद्योगिक समूहों का नाम लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि यह विधेयक पारित हो जाएगा, लेकिन यह देखना होगा कि देश किस दिशा में जाएगा।

उन्होंने कहा कि सोलर पैनल के लिए सब्सिडी घटाई जा रही है, लेकिन जीएसटी बढ़ा दी गई है।

बीजू जनता दल (बीजद) के अनुभव मोहंती ने कहा कि इस पर ज्यादा से ज्यादा जोर दिया जाना चाहिए कि कार्बन उत्सर्जन कम से कम हो।

रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के एनके प्रेमचंद्रन ने आरोप लगाया कि इस विधेयक को तैयार करने का एक मकसद ‘कार्बन ट्रेडिंग’ को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि ‘कार्बन ट्रेडिंग’ क्या है क्योंकि यह जानने का सदन को अधिकार है।

उन्होंने ऊर्जा दक्षता ब्यूरो में सदस्यों की संख्या बढ़ाये जाने और विधेयक के कुछ अन्य प्रावधानों का समर्थन किया।

कांग्रेस के गौरव गोगोई ने कहा कि इस विधेयक को लेकर संदेह है, इसलिए इसे संसद की स्थायी समिति के पास भेजा जाए।

भाजपा के मनोज राजौरिया ने कहा कि सरकार वैकल्पिक ऊर्जा के लिए जो काम कर रही है, उसका असर सदियों तक रहने वाला है।

शिवसेना के श्रीकांत शिंदे ने कहा कि ऊर्जा दक्षता ब्यूरो में ऐसे लोगों को शामिल किया जाए जो ऊर्जा क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हों।

हक वैभव

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