नयी दिल्ली/जम्मू, पांच अक्टूबर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने नये कृषि सुधार कानून किसानों को अपनी उपज के दाम को चुनने की छूट प्रदान करने वाले बताते हुए आरोप लगाया कि इन कानूनों का विरोध करने वाली कांग्रेस और अन्य ‘‘किसान समुदाय के दुश्मन और शोषकों के समर्थक हैं।’’
कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी पार्टिया नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा बनाये गये तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रही हैं और आरोप लगा रही हैं कि ये ‘किसान विरोधी उपाय’ हैं एवं कृषि क्षेत्र को ‘बर्बाद’ कर देंगे।
सरकार का दावा है कि नये कानून किसानों को बिचौलियों के चंगुल से मुक्त करा देंगे एवं उन्हें आकर्षक दाम पर अपनी मर्जी से अपनी उपज बेचने की अनुमति प्रदान करेंगे।
सिंह ने आरोप लगाया कि विडंबना यह है कि जो मोदी सरकार के सुधारों का विरोध कर किसानों का समर्थक होने का स्वांग कर रहे हैं वे उन लोगों से मिले हुए हैं जिन्होंने किसानों की ऊपज सस्ते दामों पर उठाकर और बाद में ऊंचे मूल्य पर बेचकर उन्हें सालों से बंधक बना रखा है।
कार्मिक राज्यमंत्री ने कहा, ‘‘इसका दुखद नतीजा है कि जो बिचौलिये और बाजार को अपनी अंगुलियों पर नचाने वालों ने अपनी तकदीर बना ली और वे पीढ़ियों से फलते-फूलतते रहे लेकिन किसान गरीब से गरीब होता गया।’’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों के साथ बड़ी निष्ठुरता और बिल्कुल असंवेदनशीलता के साथ बर्ताव किया गया, फलस्वरूप उनमें से कई ने अपनी जान दे दी।
ग्राम, पंचायत और प्रखंड स्तर पर किसानों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद जारी रखते हुए उन्होंने सोमवार को जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिले के रामनगर तहसील के बसंतगढ एवं चौकी प्रखंडों के किसानों, जन प्रतिनिधियों एवं स्थानीय कार्यकर्ताओं से बातचीत की।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY