देश की खबरें | एल्गार मामले के आरोपियों ने जेल में भूख हड़ताल की
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मुंबई, सात जुलाई एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले में 10 आरोपी पड़ोसी नवी मुंबई में तलोजा जेल में एक दिन की भूख हड़ताल पर चले गए हैं। उन्होंने सह-आरोपी स्टेन स्वामी की ‘‘संस्थागत हत्या’’ के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन किया।
उन्होंने एल्गार परिषद मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों और तलोजा जेल के पूर्व अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की।
स्वामी (84) को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत अक्टूबर 2020 में रांची से एनआईए ने गिरफ्तार किया था और नवी मुंबई के तलोजा केंद्रीय कारागार में बंद रखा गया था। उन्हें सोमवार को मुंबई के एक अस्पताल में दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया । वह स्वास्थ्य आधार पर जमानत दिए जाने के लिए लड़ाई लड़ रहे थे।
इस मामले में अन्य आरोपियों ने स्वामी की मौत को ‘‘संस्थागत हत्या’’ बताया और इसके लिए ‘‘जेलों की लापरवाही, अदालतों की उदासीनता और जांच एजेंसियों की दुर्भावना’’ को जिम्मेदार ठहराया। प्रदर्शन के तौर पर मामले में सह-आरोपी रोना विल्सन, सुरेंद्र गाडलिंग, सुधीर धावले, महेश राउत, अरुण फेरेरा, वर्नोन गोन्साल्विस, गौतम नवलखा, आनंद तेलतुम्बडे, रमेश गाइचोर और सागर गोरखे बुधवार को तलोजा जेल में एक दिन की भूख हड़ताल पर चले गए।
उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को प्रदर्शन के बारे में सूचित किया। परिवार के सदस्यों ने एक बयान जारी कर कहा कि एल्गार मामले के सभी कैदियों ने फादर स्टेन स्वामी की मौत के लिए एनआईए और तलोजा जेल के पूर्व अधीक्षक कौस्तुभ कुर्लेकर को जिम्मेदार ठहराया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि उनका मानना है कि ‘‘स्टेन स्वामी को उनसे अलग करना सोची समझी संस्थागत हत्या है।’’
बयान में कहा गया है कि एनआईए और कुर्लेकर ने स्टेन स्वामी को ‘‘प्रताड़ित’’ करने का एक भी मौका नहीं छोड़ा चाहे वह जेल में ‘‘भयावह बर्ताव’’ हो, अस्पताल से उन्हें जेल में लाने की जल्दबाजी हो या सिपर जैसी छोटी सी चीजों के खिलाफ प्रदर्शन हो जिसकी स्वामी को अपने स्वास्थ्य के कारण जरूरत होती थी
बयान में उनकी मौत की न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा गया है, ‘‘इन वजहों से स्टेन स्वामी की मौत हुई और अत: इस संस्थागत हत्या के लिए एनआईए अधिकारियों और कुर्लेकर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा चलना चाहिए।’’
बयान में कहा गया है कि आरोपियों के परिवार के सदस्य तलोजा जेल प्रशासन के जरिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के समक्ष इन मांगों को रखेंगे। इसमें यह भी कहा कि अलग-अलग बैरक में बंद होने के बावजूद ये आरोपी मंगलवार को मिले और उन्होंने फादर स्टेन स्वामी की अपनी यादों को साझा किया तथा उनकी याद में दो मिनट का मौन भी रखा।
मामले में तीन महिला आरोपी सुधा भारद्वाज, शोमा सेन और ज्योति जगतप मुंबई में भायखला जेल में बंद हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 07, 2021 01:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

