देश की खबरें | मानसून में मधुमक्खियों और मच्छरों से बचने के लिए हाथी ऊंचे स्थानों की ओर रवाना : अधिकारी
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ऋषिकेश, 15 जून उत्तराखंड के वन अधिकारियों के मुताबिक मानसून पूर्व बारिश से शुरू होने के साथ ही हाथियों का ऊंचाई वाले इलाकों में पलायन शुरू हो गया है। इस बार यह पलायन सामान्य समय से पहले हो रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि इससे यह शोध पुख्ता हुआ है कि ये जानवर चारे और जल उपलब्धता में होने वाले बदलाव के प्रति तेजी से प्रतिक्रिया करते हैं।

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उन्होंने कहा, मानसून पूर्व बारिश से मच्छरों और मधुमक्खियों का हमला भी बढ़ जाता है, जिससे हाथी बहुत अधिक परेशान हो जाते हैं। इसलिए इनसे बचने के लिए वे ऊंचाई वाले स्थानों पर चले जाते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून के दौरान जब आर्द्रता बहुत अधित होती है तब मधुक्खियां बहुत आक्रमक हो जाती हैं।

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राजाजी बाघ अभयारण्य के निदेशक अमित वर्मा ने कहा कि हर साल हाथियों का ऊंचाई वाले इलाके में पलायन जुलाई महीने में शुरू होता है, लेकिन इस बार बहुत पहले शुरू हो गया है।

उन्होंने कहा कि हाथियों का झुंड बारिश के मौसम में ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने को मजबूर होता है क्योंकि वहां पर आदर्श परिस्थितियां होती है। हाथियों के लिए ऊंचाई वाले स्थानों पर खाने के लिए वनस्पतियों और पानी की प्रचुरता होती है।

कॉर्बेट बाघ अभयारण्य के निदेशक राहुल ने बताया कि हर साल मानसून पूर्व बारिश से पहले हाथी घास के मैदानों से पहाड़ों की ओर जाते हैं और जिम कॉर्बेट बाघ अभयारण्य के कांडा वन में उन्हें देखा जाता है जिसकी ऊंचाई समुद्रतल से 1,200 मीटर है।

उन्होंने कहा कि ऊंचाई पर जाना हाथियों का प्राकृतिक व्यवहार है।

विशेषज्ञों के मुताबिक हाथी पेड़ पौधे होने पर मैदानों में रहते हैं लेकिन इनकी कमी होने पर ऊंचाई पर स्थित सदाबहार वनों की ओर पलायन करते हैं।

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