जरुरी जानकारी | इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों ने दिल्ली की इलेक्ट्रिक वाहन नीति की सराहा

नयी दिल्ली, सात अगस्त इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियों ने दिल्ली की ‘इलेक्ट्रिक वाहन नीति’ को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया है। उनका कहना है कि इससे राजधानी में स्वच्छ ऊर्जा वाहनों का इस्तेमाल बढ़ेगा और अन्य राज्य भी इसका अनुकरण करेंगे।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति’ पेश की। इसके तहत सरकार ने दिल्ली में बैटरी विद्युत वाहनों पर पंजीकरण शुल्क और पथकर माफ करने की घोषणा की है। साथ ही सरकार नई इलेक्ट्रिक कार के लिए 1.5 लाख रुपये का प्रोत्साहन भी उपलब्ध कराएगी।

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नीति के तहत दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, ई-रिक्शा तथा ढुलाई वाहनों पर 30,000 रुपये तक का प्रोत्साहन देगी।

इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माताओं के संगठन सोसायटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल (एसएमईवी) ने कहा कि इस नीति से मौजूदा ईवी के ढांचे को केंद्र की फेम-दो से अधिक बढ़ावा मिलेगा।

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एसएमईवी के महानिदेशक सोहिंदर गिल ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार की योजना के तहत कुछ अंकुश वाले नियमों की वजह से जो ग्राहक सब्सिडी नहीं पा सकेंगे, उनके पास अब इस योजना के तहत सब्सिडी पाने का मौका होगा।’’

अथर एनर्जी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं सह-संस्थापक तरुण मेहता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने ऐसी नीति पेश की है जिससे अंतिम उपभोक्ता तक पहुंच का मुद्दा हल होगा। अतिरिक्त सब्सिडी से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना और सस्ता बैठेगा। इससे आम उपभोक्ता इन वाहनों को खरीदने और इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित होगा।

अजय

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