बेंगलुरु, 27 अक्टूबर कर्नाटक में कोविड-19 की महामारी की छाया के बीच विधान परिषद की चार सीटों पर बुधवार को मतदान होगा।
परिषद के चार सदस्यों के सेवानिवृत्त होने की वजह से यह चुनाव हो रहा है।
यह चुनाव 30 जून से पहले होना चाहिए था।
बहरहाल, महामारी के मद्देनजर यह चुनाव अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। सितंबर में चुनाव आयोग ने 28 अक्टूबर को इन रिक्त सीटों पर चुनाव कराने का निर्णय किया।
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ये एमएलसी चुनाव कर्नाटक दक्षिण-पूर्व स्नातक, कर्नाटक पश्चिम स्नातक, कर्नाटक उत्तर- पूर्व शिक्षक और बेंगलोर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए हो रहे हैं। इन सीटों से क्रमशः आर सी रेड्डी थूपल्ली, एस वी शंकनूर, शरनप्पा मत्तूर और पुत्तन्ना सदस्य थे।
इन चार सीटों के लिए 40 प्रत्याशी अपनी किस्मत अज़मा रहे हैं।
दक्षिण-पूर्वी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा ने चिदानंद एम गौड़ा, कांग्रेस ने रमेश बाबू और जद(एस) ने आर सी रेड्डी थूपल्ली को उम्मीदवार बनाया है।
कर्नाटक पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के एसवी शंकनूर और कांग्रेस के आरएम कुबेरप्पा के बीच मुख्य मुकाबला है।
इसी तरह कर्नाटक उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के शशि जी नमोशी का कांग्रेस के शरनप्पा मत्तुर और जद (एस) टी पुरले के बीच मुकाबला है।
बेंगलोर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा ने पुत्तन्ना, कांग्रेस ने प्रवीण पीटर और जद(एस) ने एपी रंगनाथन को उम्मीदवार बनाया है।
यह चुनाव भाजपा के लिए अहम है, क्योंकि उसके पास विधान परिषद में बहुमत नहीं है।
75 सदस्य परिषद में कांग्रेस के 28, भाजपा के 27 और जनता दल (एस) के 14 सदस्य हैं जबकि एक निर्दलीय है और एक अध्यक्ष हैं। वहीं चार सीटें खाली पड़ी हैं।
सेवानिवृत्त हो रहे सभी चारों सदस्य फिर से मैदान में हैं।
दो नवंबर को मतगणना होगी।
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