देश की खबरें | वोट हासिल करने के लिए धर्म के इस्तेमाल के प्रयासों से परहेज किया जाना चाहिए: दिलीप घोष
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, 16 अक्टूबर पश्चिम बंगाल भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने शुक्रवार को कहा कि राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सामुदायिक दुर्गा पूजा आयोजकों के लिए 50 हजार रुपये के अनुदान की घोषणा राजनीतिक हित में की है और वोट हासिल करने के लिए धर्म के इस्तेमाल के ऐसे प्रयासों से परहेज किया जाना चाहिए।

अनुदान का उपयोग कोविड-19 सुरक्षा उपकरणों की खरीद और जनता एवं पुलिस के बीच जुड़ाव को मजबूत करने के लिए करने का दुर्गा पूजा समितियों को उच्च न्यायालय के निर्देश पर प्रतिक्रिया देते हुए घोष ने कहा कि आयोजकों ने इस तरह के अनुदान के लिए नहीं कहा था लेकिन इसके बावजूद यह एक राजनीतिक उद्देश्य के तहत दिया गया।

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उन्होंने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए वे (तृणमूल कांग्रेस सरकार) भविष्य में वोट हासिल करने के लिए धर्म का उपयोग राजनीतिक क्षेत्र में करने के ऐसे प्रयासों से बचेंगे।’’

उन्होंने कहा कि जब तृणमूल कांग्रेस सरकार ने राज्य में इमामों के लिए मासिक भत्ते की घोषणा की थी तब भी उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया था।

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सीआईटीयू की ओर से दायर से याचिका पर सुनवायी करते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि करीब 37 हजार पूजा आयोजकों में से प्रत्येक को दिये गए 50,000 रुपये के अनुदान का इस्तेमाल किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता।

अदालत ने पूजा समितियों से इसमें से 75 प्रतिशत राशि कोविड-19 सुरक्षा उपकरणों की खरीद और बाकी सार्वजनिक-पुलिस जुड़ाव को मजबूती प्रदान करने पर खर्च करने को कहा।

तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय ने कहा कि अनुदान का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्य के लिए करने का कोई सवाल नहीं उठता क्योंकि सामुदायिक पूजा आयोजक किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़े हैं।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार उपयुक्त समझेगी तो वह अंतरिम आदेश को अदालत में चुनौती देगी।

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