देश की खबरें | संसाधनों के अधिकतम इस्तेमाल के लिए सशस्त्र बलों के पुनर्गठन का प्रयास जारी है : शीर्ष अधिकारी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, एक अक्टूबर तीनों सशस्त्र बलों के पुनर्गठन का प्रयास जारी है ताकि संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जा सके। यह जानकारी बृहस्पतिवार को एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय (एचक्यूआईडीएस) के एक शीर्ष अधिकारी ने दी।

एकीकृत रक्षा स्टाफ (अभियान) के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल तरणजीत सिंह ने बताया, ‘‘पिछले नौ महीने से सीडीएस (प्रमुख रक्षा अध्यक्ष) की नियुक्ति की घोषणा के बाद तीनों सेनाओं के बीच हमने अभियानों, साजो सामान, प्रशिक्षण, सहयोग सेवाएं, साझा संचार में साझापन लाने के लिए हमने कई कदम उठाए हैं।’’

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केंद्र सरकार ने इस वर्ष एक जनवरी को सैन्य मामलों के विभाग (डीएमए) का गठन किया था। इसके प्रमुख जनरल बिपिन रावत हैं जो सीडीएस होने के साथ ही डीएमए के सचिव भी हैं।

एचक्यूआईडीएस का गठन एक अक्टूबर 2001 को हुआ था जिसका उद्देश्य ‘‘एकजुट होकर जीत हासिल’’करना है।

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सिंह ने कहा कि एचक्यूआईडीएस ने एक जनवरी 2020 से डीएमए के गठन में पूरा सहयोग दिया है।

सिंह ने बताया कि रक्षा विभाग के अलावा तीनों सेनाओं के मुख्यालय ने ‘‘सकारात्मक रूप से सुनिश्चित’’ किया है कि नवगठित डीएमए ‘‘मजबूत आधार’’ पर खड़ा हो।

सिंह ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘डीएमए के सचिव और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) अन्य तीनों सेना मुख्यालयों के साथ निकट समन्वय में काम कर रहे हैं। संसाधनों के अधिकतम इस्तेमाल के लिए सेना के पुनर्गठन का प्रयास जारी है।’’

स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए रक्षा मंत्रालय ने नौ अगस्त को 101 हथियारों एवं सैन्य साजो सामान के आयात को सीमित करने की घोषणा की जिसमें हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर, परंपरागत पनडुब्बियां और क्रूज मिसाइल भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए हाल में घोषित सुधारों से भारत को काफी फायदा होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा उत्पादन विभाग सेनाओं को जानकारी मुहैया करा रहा है और डीएमए तीनों सेनाओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना में समन्वय कर रहा है।’’

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