देश की खबरें | सोनिया और राहुल के खिलाफ ईडी की कार्रवाई 'शर्मनाक' राजनीतिक प्रतिशोध: द्रमुक

चेन्नई, 20 अप्रैल 'इंडिया' गठबंधन के प्रमुख घटक दल एम के स्टालिन की अगुवाई वाली द्रमुक ने रविवार को नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा आरोपपत्र दाखिल करने को लेकर भाजपा की आलोचना की और इसे 'अस्वीकार्य' तथा 'शर्मनाक' प्रतिशोध बताया।

द्रमुक कोषाध्यक्ष और संसदीय दल के नेता टीआर बालू ने केंद्र की भाजपा सरकार पर कांग्रेस पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सहित जांच एजेंसियों को "छोड़ने" का आरोप लगाया, क्योंकि वह विभिन्न दलों को एकजुट करके वक्फ सहित मुद्दों पर भाजपा का विरोध कर रही थी।

बालू ने यहां पार्टी के एक बयान में कहा, "द्रमुक की ओर से मैं भाजपा के राजनीतिक प्रतिशोध के कारण नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी द्वारा आरोपपत्र दायर करने की कड़ी निंदा करता हूं।"

बालू ने कहा, "वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ कांग्रेस का अडिग रहना और विपक्षी दलों को इसके खिलाफ वोट देने के लिए तैयार करना भाजपा सरकार को रास नहीं आया है। उसे डर है कि कांग्रेस केंद्र सरकार की जनविरोधी पहलों और उसकी विफलताओं को लोगों के बीच ले जाएगी। यही कारण है कि ईडी कांग्रेस पार्टी को घेर रही है और उसके नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी को भी नहीं बख्श रही है।"

उन्होंने कहा कि कांग्रेस से राजनीतिक रूप से मुकाबला करने में असमर्थ भाजपा सरकार ईडी और अन्य एजेंसियों को "छोड़ रही है" जो "न केवल घृणित है बल्कि शर्मनाक राजनीतिक प्रतिशोध है जो किसी को भी स्वीकार्य नहीं है।"

ईडी ने हाल ही में नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी तथा अन्य के खिलाफ नयी दिल्ली की एक विशेष अदालत में आरोपपत्र दायर किया था, जिसमें उन पर कथित तौर पर 988 करोड़ रुपये के धनशोधन का आरोप लगाया गया था।

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