नयी दिल्ली, 16 नवंबर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ऑनलाइन न्यूज पोर्टल ‘न्यूजक्लिक’ से जुड़े धनशोधन के एक मामले की जांच के सिलसिले में अमेरिकी अरबपति नेविल रॉय सिंघम को नया समन जारी किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अमेरिकी कारोबारी सिंघम (69) पर भारत में चीनी ‘दुष्प्रचार’ फैलाने का आरोप है। कहा जाता है कि वह फिलहाल शंघाई में हैं।
अधिकारियों ने बताया कि ईडी द्वारा विदेश मंत्रालय (एमईए) के माध्यम से समन भेजे जाने के बाद सिंघम को हाल में उनकी निजी ईमेल आईडी और चीनी राजनयिक माध्यम से समन भेजा गया था।
माना जा रहा है कि ईडी ने उन्हें यह दूसरी बार समन जारी किया है। मामले की 2021 में जांच शुरू की जाने के बाद पिछले वर्ष उन्हें पहला समन जारी किया गया था।
सूत्रों ने बताया कि ईडी ने सिंघम को धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत नया समन जारी किया।
अधिकारियों ने बताया कि यह अनुरोध 2003 में भारत और चीन के बीच हस्ताक्षरित पारस्परिक कानूनी सहायता संधि (एमएलएटी) के तहत भेजा गया है।
आरोपी के बयान दर्ज करने के लिए एजेंसी द्वारा एक स्थानीय अदालत से ‘लेटर्स रोगेटरी’ (एलआर) प्राप्त करने के बाद उन्हें यह नया नोटिस जारी किया गया है।
ऐसा समझा जाता है कि ईडी ने अमेरिका को भी एक एलआर भेजा है, जिसमें उस कंपनी का विवरण मांगा गया है, जिस पर कुछ अन्य ऐसी संस्थाओं के अलावा ‘न्यूजक्लिक’ की पंजीकृत कंपनी पीपीके न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड को अप्रैल 2018 में 9.59 करोड़ रुपये की धनराशि भेजने का आरोप है।
सिंघम का नाम कुछ माह पहले ‘न्यूयॉक टाइम्स’ के एक लेख से सुर्खियों में आया था।
इस खबर के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने इस समाचार और ईडी द्वारा साझा किए गए कुछ ‘‘सबूत’’ के आधार पर उनके और ‘न्यूजक्लिक’ के संस्थापकों के खिलाफ एक प्राथमिकी भी दर्ज की थी।
पुलिस ने बाद में ‘न्यूजक्लिक’ के संस्थापक और प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और इसके मानव संसाधन विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पोर्टल और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
सिंघम ने समाचारपत्र ‘द हिंदू’ को अक्टूबर में एक बयान जारी कर कहा था कि दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में इस्तेमाल की गई ‘‘दृढ़ता से यह कहती है’’ ये दावे ‘‘द न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा प्रकाशित एक लेख में दी गई गलत जानकारी से प्रभावित हैं।’’
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