नयी दिल्ली, 30 जून प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि भविष्य में वे कहीं भी रहें, लेकिन उन्हें विश्वविद्यालय के उत्तर और दक्षिण परिसर के आसपास के खाद्य स्टॉल के व्यंजनों का स्वाद ना भूलें।
दिल्ली विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मोदी ने विश्वविद्यालयों द्वारा नवाचारों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ अपने लिए भविष्य का एक खाका तैयार करने के बारे में बात की और छात्रों के लिए फुर्सत के समय कुछ लोकप्रिय स्थानों पर विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजनों के मजे लेने का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इतने सारे बदलावों के बीच, आप लोग पूरी तरह मत बदल जाइएगा। कुछ बातें वैसे ही छोड़ दीजिएगा भाई। नॉर्थ कैंपस में पटेल चेस्ट की चाय....नूडल्स...साउथ कैंपस में चाणक्याज के मोमोज....इनका टेस्ट ना बदल जाए, ये भी आपको सुनिश्चित करना होगा।’’
दिल्ली विश्वविद्यालय का नॉर्थ और साउथ कैंपस अपने चाय और विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का लुत्फ उठाने के लिए जाना जाता है, जहां न केवल छात्र, बल्कि अन्य लोग भी आते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘आज इस आयोजन के जरिये यहां नए और पुराने छात्र भी साथ मिल रहे हैं। स्वभाविक है, कुछ सदाबहार चर्चाएं भी होंगी। नॉर्थ कैंपस के लोगों के लिए कमला नगर, हडसन लाइन और मुखर्जी नगर से जुड़ी यादें, साउथ कैंपस वालों के लिए सत्य निकेतन के किस्से, आप चाहे जिस भी साल के पासआउट हों, दो डीयू वाले मिलकर इन पर कभी भी घंटों निकाल सकते हैं!’’
उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने 100 सालों में अगर अपने अहसासों को जिंदा रखा है, तो अपने मूल्यों को भी जीवंत रखा है।
प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए मेट्रो की सवारी की। उन्होंने लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन से दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन तक का सफर तय किया। इस दौरान प्रधानमंत्री को यात्रियों से संवाद करते देखा गया।
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