नयी दिल्ली, 26 दिसंबर राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने हैदराबाद में चोरी-छिपे संचालित की जा रही दो प्रयोगशालाओं से करीब 25 किलोग्राम मादक पदार्थ ‘मेफेड्रोन’ जब्त किया है, जिसकी कीमत करीब 50 करोड़ रुपये आंकी गई है। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।
मंत्रालय ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर डीआरआई ने 21 दिसंबर 2022 को अभियान शुरू किया और दो गैर कानूनी प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया। उन्होंने बताया कि इन दो स्थानों पर मादक पदार्थों के उत्पादन में संलिप्त सात लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
मंत्रालय ने बताया, ‘‘डीआरआई के अधिकारियों ने 24.88 किग्रा मेफेड्रोन जब्त किया, जिसकी बाजार में कीमत 49.77 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही आधा तैयार सामग्री भी बरामद की, जिसकी कीमत 18.90 लाख रुपये है। मशीन और तस्करी में इस्तेमाल किये जाने वाले वाहनों को जब्त किया गया।’’
बयान के मुताबिक, इस पूरे मामले के सरगना और वित्तपोषक को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया जो 60 लाख रुपये की नकदी के साथ नेपाल भागने की फिराक में था।
मंत्रालय के मुताबिक, गिरफ्तार किये गये लोगों में कुछ 2016 में इंदौर में 236 किलोग्राम प्रतिबंधित इफेड्रिन उत्पादन के मामले, जुलाई 2022 में यमुनानगर में 667 किग्रा मेफेड्रोन का चोरी-छिपे उत्पादन करने के मामले, इंदौर जेल से फरार होने के मामले, हैदराबाद में हत्या और वडोदरा में लूट के मामले में भी आरोपी हैं।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘प्रतिबंधित मादक पदार्थ का उत्पादन करने वाली प्रयोगशाला का भंडाफोड़ करने और पूरे गिरोह के पकड़े जाने से उनकी योजना को धक्का लगा है, जो नए साल और उसके बाद अवैध गतिविधियों की योजना बना रहे थे।’’
मौजूदा वित्तवर्ष में यह दूसरी बार है, जब डीआरआई ने इस तरह का खुलासा किया है। इसी तरह की एक फैक्टरी का भंडाफोड़ जुलाई-अगस्त 2022 में हरियाणा के यमुनानगर में किया गया था।
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