नयी दिल्ली, 23 अगस्त तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी जिस कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ)थे उसके कोलकाता स्थित ठिकानों पर छापेमारी कर ‘अपराध में संलिप्तता के संकेत करने वाले’ दस्तावेजों को जब्त किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं।
केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि 21 और 22 अगस्त को लीप्स ऐंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तीन परिसरों की तलाशी ली गई। उसने बताया कि यह छापेमारी पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती ‘घोटाले’ के सिलसिले में की गई।
ईडी ने एक बयान में बताया कि यह कार्रवाई मामले में गिरफ्तार सुजय कृष्ण भद्रा के खिलाफ की गई जो कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) थे।
आरोप है कि कंपनी के जरिये करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन को अंजाम दिया गया।
ईडी ने बताया कि भद्रा अप्रैल 2012 से मार्च 2016 तक कंपनी के निदेशक भी थे जबकि अभिषेक बनर्जी अप्रैल 2012 से जनवरी 2014 तक उक्त कंपनी के निदेशक थे।
एजेंसी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान ‘‘ अपराध में संलिप्तता का संकेत करने वाले कई दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले जिन्हें जब्त कर लिया गया।’’
अभिषेक बनर्जी ने कुछ भी गलत करने से इनकार किया है और उन्होंने दावा किया कि ईडी राजनीतिक बदले के तहत कार्रवाई कर रही है।
केंद्रीय एजेंसी ने भद्रा को इस मामले में इस साल मई में गिरफ्तार किया था।
ईडी ने इस मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षामंत्री पार्थ चटर्जी, उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी, तृणमूल कांग्रेस विधायक और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष मणिक भट्टाचार्य, तृणमूल युवा इकाई के नेता कुंतल घोष और शांतनु बनर्जी और अयान सिल को गिरफ्तार किया है और धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत पांच आरोप पत्र दाखिल किए हैं।
ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने पार्थ चटर्जी को पार्टी से निलंबित कर दिया। इस मामले में अबतक 126 करोड़ से अधिक रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
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