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जरुरी जानकारी | गोयल ने सेवा निर्यातकों से कहा, छोटे प्रोत्साहनों, सब्सिडी पर निर्भर न रहें; प्रतिस्पर्धा बढ़ाएं

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जरुरी जानकारी | गोयल ने सेवा निर्यातकों से कहा, छोटे प्रोत्साहनों, सब्सिडी पर निर्भर न रहें; प्रतिस्पर्धा बढ़ाएं

नयी दिल्ली, 29 सितंबर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को सेवा निर्यातकों से कहा कि वे निर्यात बढ़ाने के लिए छोटी सब्सिडी या प्रोत्साहनों पर निर्भर रहें, बल्कि इसके बजाय वे प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएं।

उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को वैश्विक बाजारों का दोहन करने के लिए अपनी प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता बढ़ाने और उसे मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए।

गोयल ने कहा, ‘‘मामूली सहायता सब्सिडी और प्रोत्साहन से निर्यात के महत्वाकांक्षी लक्ष्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। यह कुछ सेवा क्षेत्रों और सरकार के बीच विवाद का बिन्दु रहा है।’’

वह सेवा निर्यात संवर्धन परिषद (एसईपीसी) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

इस क्षेत्र ने बार-बार भारत से सेवाओं के निर्यात की योजना (एसईआईएस) को जारी रखने की मांग की है। सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं रिकॉर्ड देखता हूं, जब एसईआईएस हुआ करता था, वास्तव में आपका निर्यात बिल्कुल नहीं बढ़ा था, बल्कि बहुत मामूली वृद्धि हुई थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपने देखा होगा कि धीरे-धीरे मैं निर्यात प्रणाली से सभी सब्सिडी हटा रहा हूं क्योंकि यह हमारी प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करता है और हमें पीछे रखता है।’’

उदाहरण देते हुए, उन्होंने कहा कि आईटी क्षेत्र कभी भी कोई सब्सिडी नहीं मांगता है और वे निर्यात में पर्याप्त वृद्धि दर्ज करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यह मानसिकता कब तक चलेगी जो हमें दो रुपये देती है, हम निर्यात बढ़ायेंगे ... हमें अपनी प्रतिस्पर्धा की धार की ओर देखने की जरूरत है।’’

उन्होंने कहा कि सरकार पर निर्भर न रहें।

मुक्त व्यापार समझौतों के बारे में मंत्री ने कहा कि भारत सेवा क्षेत्र के लिए अधिक बाजार पहुंच की मांग कर रहा है।

उन्होंने कहा कि घरेलू कानूनी सेवा क्षेत्र के खुलने से भारतीय वकीलों को फायदा होगा क्योंकि उन्हें अन्य देशों में बड़े अवसर मिलेंगे।

यहां कानूनी पेशेवरों के बीच इस मुद्दे पर अभी तक कोई सहमति नहीं है और अगर इसे बाद में बनाया जाता है, तो ‘‘हम दुनियाभर को कानूनी सेवाएं प्रदान कर सकते हैं।’’ उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट और आईटी क्षेत्र के लोग प्रतिस्पर्धा से नहीं डरते और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में काम कर रहे हैं।

यहां विदेशी छात्रों को ‘वर्क वीजा’ देने के बारे में पूछे जाने पर, मंत्री ने कहा,‘‘हम इसे देशों के साथ द्विपक्षीय स्तर पर करते हैं क्योंकि हम नहीं चाहते कि केवल कुछ ही भौगोलिक क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग आएं इसलिए यह देखना होगा कि हम किसे वर्क वीजा दें।’’

गोयल ने कहा कि यह भारत में स्थायी निवास प्राप्त करने का एक साधन नहीं बनना चाहिए और ‘‘जो लोग पहले से ही यहां अवैध अप्रवासी हैं, हम उन्हें देश से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि भारत देश में उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभाओं का आगमन चाहता है और हर देश अपनी सीमाओं की रक्षा करता है।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत में शैक्षिक परिसर खोलने का इच्छुक है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हाल ही में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय का दौरा किया, वे भारतीय आईआईएम और निजी विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग करने के इच्छुक हैं। सऊदी अरब आईआईटी परिसर चाहता है। आईआईटी सऊदी अरब में परिसर क्यों नहीं स्थापित कर सकता है।’’

विदेश व्यापार नीति के बारे में उन्होंने कहा कि मंत्रालय दस्तावेज के साथ तैयार हैं और वह इसे कभी भी जारी कर सकता है, लेकिन उद्योग जगत की मौजूदा नीति को जारी रखने की मांग है।

गोयल ने कहा कि यह क्षेत्र चालू वित्त वर्ष के लिए 300 अरब डॉलर का निर्यात लक्ष्य हासिल करने के लिए ‘अच्छी तरह से’ तैयार है।

हालांकि, उद्योग जगत इसे 350 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। वर्ष 2021-22 में यह निर्यात 254 अरब डॉलर का हुआ था। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक निर्यात को 1,000 अरब डॉलर तक बढ़ाने का भी है।

कार्यक्रम में बोलते हुए, एसईपीसी के अध्यक्ष सुनील एच तलाटी ने कहा कि सेवा क्षेत्र कुल निर्यात में 55 प्रतिशत का योगदान देता है।

उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2023 तक, हमारा लक्ष्य इस क्षेत्र का योगदान 75 प्रतिशत तक पहुंचने का है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 29, 2022 04:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).