चेन्नई, 12 जनवरी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बृहस्पतिवार को कहा कि सत्तारूढ़ दल द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने नशीले पदार्थों के खिलाफ युद्ध शुरू करके और दोषियों को सजा दिलाकर राज्य से मादक पदार्थों को खत्म करने के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा है।
स्टालिन ने दावा किया कि उनकी सरकार मादक पदार्थों से लोगों को नुकसान पहुंचने के खतरे की उपेक्षा नहीं कर सकती। उन्होंने पिछली ऑल इंडिया अन्ना द्रविड मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) नीत सरकार पर राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अदालतों में इन तस्करों की जमानत का विरोध करने के अलावा नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पलानीस्वामी द्वारा शुरू की गई एक बहस के दौरान हस्तक्षेप करते हुए, मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले साल मार्च में नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया और जिलाधिकारियों के साथ बैठकें कीं।
स्टालिन ने कहा कि पूर्व में किसी भी मुख्यमंत्री ने नशीले पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण लगाने के लिए जिलाधिकारियों के साथ बैठकें नहीं की।
अभियान के दौरान 50,875 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और 11.59 लाख किलोग्राम गुटखा जब्त किया गया। मादक पदार्थ के तस्करों के खिलाफ लगभग 12,294 मामले दर्ज किए गए, जबकि गांजा जब्ती से जुड़े मामलों में 17,280 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
स्टालिन ने कहा कि अगर अन्नाद्रमुक ने सत्ता में रहते हुए उचित कार्रवाई की होती, तो द्रमुक नीत सरकार को नशीले पदार्थों के खिलाफ युद्ध छेड़ने की आवश्यकता नहीं होती। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नाद्रमुक के एक पूर्व मंत्री और अब मौजूदा विधायक के खिलाफ गुटखा घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोपपत्र दायर किया है।
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