देश की खबरें | दिव्यांग अभ्यर्थी परीक्षा में उत्तर पुस्तिका लिखने के लिए सहायक की ले सकते हैं मदद: न्यायालय

नयी दिल्ली, तीन फरवरी उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि सभी दिव्यांग उम्मीदवार निर्धारित दिव्यांगता मानदंडों को पूरा किये बिना भी परीक्षा में उत्तर पुस्तिका लिखने के लिए सहायक की मदद ले सकते हैं।

दिव्यांगता के लिए निर्धारित मानदंडों से अभिप्राय, सरकारी प्राधिकार द्वारा जारी प्रमाण पत्र के अनुसार किसी व्यक्ति का 40 प्रतिशत दिव्यांग होना आवश्यक है।

न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि इसका ‘‘उचित और न्यायसंगत’’ अनुपालन सुनिश्चित करना केंद्र की जिम्मेदारी है।

पीठ ने कहा, ‘‘इस न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, प्रतिवादी संख्या 5 (केंद्र) द्वारा जारी दिशानिर्देशों को सभी दिव्यांग उम्मीदवारों को बिना किसी बाधा के अपनी परीक्षा लिखने में पीडब्ल्यूबीडी (निर्धारित दिव्यांगता वाले व्यक्ति) उम्मीदवारों के लिए लाभ प्रदान कर लागू किया जाना चाहिए।’’

इसलिए, न्यायालय ने केंद्र को 10 अगस्त 2022 के कार्यालय ज्ञापन पर फिर से विचार करने, प्रतिबंधों को हटाने और ‘‘उचित तरीके’’ से छूट देने का निर्देश दिया।

शीर्ष अदालत ने सभी अधिकारियों, भर्ती एजेंसियों और परीक्षा एजेंसियों को केंद्र द्वारा जारी दिशानिर्देशों का समान रूप से पालन करने और समय-समय पर सर्वेक्षण या सत्यापन के माध्यम से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

इसने कार्यालय ज्ञापनों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों के बीच जागरूकता के लिए शैक्षणिक संस्थानों में समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया।

शीर्ष अदालत ने केंद्र से कहा कि वह उक्त सहायकों की वैधता अवधि बढ़ाए, जो वर्तमान में केवल छह महीने के लिए वैध है।

शीर्ष अदालत ने अधिकारियों को निर्देशों का पालन करने के लिए दो महीने का समय दिया है। यह निर्देश गुलशन कुमार नामक एक अभ्यर्थी द्वारा दायर जनहित याचिका पर जारी किया गया।

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