नयी दिल्ली, 10 अगस्त दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डायल) ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इस्तेमाल होने वाले अपने वाहनों में ईंधन बचाने, सुरक्षा बढ़ाने, उनके स्थान का पता लगाने और उनके रखरखाव की समय-सारणी निर्धारित करने के लिए इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) उपकरण लगाना शुरू कर दिया है।
इस संबंध में बुधवार को जारी एक बयान में कहा गया कि जीएमआर समूह के नेतृत्व वाली डायल इस महीने के अंत तक अपने सभी वाहनों में चरणबद्ध तरीके से आईओटी उपकरण लगाएगी। कंपनी के पास दिल्ली हवाई अड्डे का स्वामित्व है और वह उसका प्रबंधन भी देखती है।
कंपनी ने बयान में कहा, ‘‘जब भी स्वीकृत सीमा से अधिक गति, हवाई क्षेत्र में निर्दिष्ट बिंदुओं के भीतर या बाहर वाहन चलाने जैसा कोई सुरक्षा नियम उल्लंघन होता है, तो उपकरण संबंधित अधिकारियों को अलर्ट भेजते हैं।’’
बयान में कहा गया कि ये उपकरण हवाई अड्डा बचाव और अग्निशमन (एआरएफएफ), हवाई संचालन, सुरक्षा और परियोजना तथा इंजीनियरिंग (पी एंड ई) टीम द्वारा उपयोग किए जाने वाले वाहनों में 23 प्रतिशत ईंधन बचाने में मदद करते हैं।
इसमें कहा गया कि आईओटी उपकरण वाहनों से संबंधित सभी आंकड़े सुरक्षित रखते हैं जैसे कि समय, दूरी, ईंधन, वाहन चल रहा है या नहीं, इत्यादि।
इसमें कहा गया, "इस तरह, डायल ने ईंधन बचाने और उत्सर्जन रोकने में भी सफलता हासिल की है।"
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