नैनीताल, 20 दिसंबर उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को शहर में प्रस्तावित ‘धर्म संसद’ के मद्देनजर कानून-व्यवस्था कायम रखने के निर्देश दिए।
गाजियाबाद के डासना मंदिर के विवादास्पद पुजारी यति नरसिंहानंद ने ‘धर्म संसद’ का आह्वान किया था। नरसिंहानंद अक्सर अल्पसंख्यकों के खिलाफ घृणा भाषणों को लेकर खबरों में रहते हैं।
नरसिंहानंद द्वारा हिंदूवादी संगठनों को हरिद्वार में इकटठा होकर ‘हिंदू राष्ट्र’ का आह्वान करने का न्यौता दिए जाने के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश आलोक कुमार वर्मा की एकल पीठ ने हरिद्वार के एसएसपी को क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
अदालत ने सरकार को इस संबंध में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए जिनमें सभी राज्य सरकारों को किसी भी धर्म के विरूद्ध भड़काऊ भाषण दिए जाने पर बिना किसी शिकायत के स्वत: संज्ञान लेने को कहा गया है।
याचिका में कहा गया है कि यति नरसिंहानंद ने हिंदू संगठनों को 19 से 21 दिसंबर तक हरिद्वार में इकट्ठा होने का आह्वान करते हुए भड़काऊ भाषण दिए हैं।
प्रशासन ने हालांकि 19 दिसंबर से शुरू होने वाली ‘धर्म संसद’ की अनुमति नहीं दी लेकिन यति नरसिंहानंद ने शुक्रवार को भैरव घाट पर महायज्ञ किया और सनातन वैदिक राष्ट्र के गठन का आह्वान किया।
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