देहरादून, 26 जून उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया और कहा कि उनके आश्रितों को भी ‘सम्मान पेंशन’ दी जायेगी ।
यहां एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का मानदेय 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया गया है जबकि उनके आश्रितों को ‘सम्मान पेंशन’ देने के लिए शासनादेश जारी किया जा चुका है ।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों द्वारा दिए गए योगदान के बारे में सभी को जानकारी देने के लिए व्यवस्था बनाई जायेगी तथा सेनानियों के द्वारा दिए गए मांग पत्र भी गंभीरता से कार्य किया जाएगा ।
आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा करने वाले सेनानियों को सम्मानित करने को अपना सौभाग्य बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य जीवन में लोकतंत्र का क्या वजूद है, वह तब पता चलता है जब कोई लोकतांत्रिक अधिकारों को छीन लेता है ।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की बहाली के लिए छात्रों का संयुक्त संघर्ष मोर्चा बना जिसे लोकनायक जयप्रकाश नारायण सहित उस समय के बड़े नेताओं नानाजी देशमुख, अटल बिहारी बाजपेई ने अपना समर्थन दिया और देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना हुई।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के प्रयासों के बारे में नई पीढ़ी को जानकारी देने के लिए ऐसे कार्यक्रम जिला स्तर पर भी होने चाहिए।
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