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देश की खबरें | धामी ने कुमाऊं अंचल के 17 प्रमुख धामों के लिए गलियारा बनाने का ऐलान किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को उनके लिए अपनी सीट से इस्तीफा देने वाले विधायक कैलाश चंद्र गहतोड़ी के साथ चंपावत पहुंचकर विख्यात बाबा गुरु गोरखनाथ मंदिर के दर्शन किए। धामी ने कुमाऊं अंचल के 17 प्रमुख धामों के लिए एक खास गलियारा (कॉरिडोर) बनाने की घोषणा की।

देश की खबरें | धामी ने कुमाऊं अंचल के 17 प्रमुख धामों के लिए गलियारा बनाने का ऐलान किया

देहरादून, 21 अप्रैल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को उनके लिए अपनी सीट से इस्तीफा देने वाले विधायक कैलाश चंद्र गहतोड़ी के साथ चंपावत पहुंचकर विख्यात बाबा गुरु गोरखनाथ मंदिर के दर्शन किए। धामी ने कुमाऊं अंचल के 17 प्रमुख धामों के लिए एक खास गलियारा (कॉरिडोर) बनाने की घोषणा की।

गहतोड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के साथ चंपावत के तल्ला देश में स्थित मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करने के बाद मुख्यमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इन 17 धामों में गुरु गोरख धाम भी शामिल होगा।

उन्होंने कहा कि विशेष कॉरिडोर बनाए जाने से सभी प्रमुख धामों का विकास होगा तथा उनके माध्यम से क्षेत्र का भी पर्यटन की दृष्टि से विकास होगा।

धामी ने भगवान गोलज्यू के तीनो प्रमुख धामों- चंपावत, अल्मोड़ा और घोड़ाखाल के लिए भी एक विशेष कॉरिडोर का निर्माण करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि चंपावत को विश्व मानचित्र पर प्रसिद्ध करने के लिए विशेष कार्य योजना के तहत पर्यटन की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार विकल्प रहित संकल्प के मंत्र पर राज्य का विकास करने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आने वाले दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को पूरा करने के लिए काम किया जाएगा।

धामी ने राज्य में सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता को भी जल्द लागू करने की अपनी घोषणा दोहरायी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चंपावत के बनबसा में मिनी स्टेडियम का निर्माण करने, टनकपुर इंजीनियरिंग कॉलेज को आईआईआईटी बनाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजने सहित कुल 10 घोषणाएं भी कीं।

संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री ने गहतोड़ी तथा वहां की जनता का आभार जताया और कहा कि वह चंपावत के विकास के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि चंपावत उनके लिए कोई नया क्षेत्र नहीं है और उनका बचपन इन्हीं सब क्षेत्रों में बीता है।

चंपावत से उपचुनाव लड़ने के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘अनेक क्षेत्रों और अन्य विधायक साथियों से भी उन्हें प्रस्ताव (सीट छोडने के) आए थे, लेकिन मुझे लगता है कि बाबा गोरखनाथ, मां पूर्णागिरि सहित सभी देवी-देवताओं का यह आदेश हुआ और उन्होंने ही मुझे जनता की सेवा करने के लिए यहां भेजा है।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2022 09:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).