देश की खबरें | विकसित देशों को शून्य कार्बन उत्सर्जन की ओर बढ़ने की अगुवाई करनी चाहिए : भारत

नयी दिल्ली, एक जून केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को कहा कि विकसित देशों को वैश्विक स्तर पर शून्य और निम्न कार्बन उत्सर्जन उद्योगों की ओर बढ़ने का बीड़ा उठाना चाहिए।

स्टॉकहोम में भारत और स्वीडन द्वारा आयोजित 'उद्योग रूपांतरण संवाद' में उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि विकासशील दुनिया को न केवल एक औद्योगिक रूपांतरण बल्कि एक औद्योगिक पुनर्जागरण की आवश्यकता है जोकि उद्योगों का एक गुलदस्ता होगा जो स्वच्छ वातावरण के साथ रोजगार सृजन और समृद्धि का रास्ता साफ करेगा।

यह संवाद भारत और स्वीडन की संयुक्त पहल 'लीडरशिप फॉर इंडस्ट्री ट्रांजिशन' (लीडआईटी) का हिस्सा है, जो ऐसे प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है जो वैश्विक जलवायु कार्रवाई में प्रमुख हितधारक हैं और इसमें खास हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

यादव ने कहा कि यह 50 साल की सहयोगात्मक कार्रवाई का जश्न मनाने और जो हासिल किया गया और अभी और क्या किया जाना है, उस पर आत्मनिरीक्षण करने का समय है।

शून्य उत्सर्जन का अर्थ, वातावरण में जाने वाली ग्रीनहाउस गैसों और बाहर निकलने वाली गैसों के बीच संतुलन स्थापित करना है।

भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि विकसित देशों को कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी लाने का बीड़ा उठाना चाहिए क्योंकि उन्होंने ऐतिहासिक रूप से ग्लोबल वार्मिंग में सबसे अधिक योगदान दिया है।

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