नयी दिल्ली, दो जून देवास के शेयरधारकों ने कनाडा में भारत सरकार की 5.5 करोड़ डॉलर की संपत्ति जब्त कर ली है।
कंपनी के वकील ने एक बयान में बताया कि एक उपग्रह सौदे को रद्द करने के खिलाफ कंपनी को मध्यस्थता फैसले में जीत मिली थी।
कनाडा की एक अदालत ने देवास के शेयरधारकों को मॉन्ट्रियल में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) से संबंधित एक संपत्ति को जब्त करने का अनुमति दी थी।
यह आदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार कानून पर संयुक्त राष्ट्र आयोग की तरफ से 11.1 करोड़ डॉलर के मध्यस्थता फैसले के प्रवर्तन के लिए दिया गया था।
देवास के शेयरधारकों के वकील मैथ्यू डी मैकगिल ने कहा, ‘‘5.5 करोड़ डॉलर की जब्ती का आदेश उस बात की पुष्टि करता है जो हमने शुरू से कहा है। देवास दुनियाभर की अदालतों में वैध अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता आदेश को लागू करवाने के अपने प्रयासों को जारी रखेगी।’’
मैकगिल ने कहा, ‘‘हम निराधार आरोपों या सरकार के नियंत्रण वाली एजेंसियों के जरिये परेशान करने के भारत सरकार के प्रयासों से भयभीत नहीं होंगे।’’
इससे पहले जनवरी 2022 में पेरिस की एक अदालत ने देवास के शेयरधारकों को एक अपार्टमेंट को जब्त करने की अनुमति दी थी। यह अपार्टमेंट भारत के दूतावासों के उप-प्रमुखों का आवास है और इसका मूल्य 38 लाख यूरो है।
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