ऑस्ट्रेलिया के हिप्स्टर कैपिटल कहे जाने वाले इस शहर में बुटिक और रेस्तरां गैर-आवश्यक उद्योगों पर प्रतिबंध के मद्देनजर बंद रहे। इस प्रतिबंध से बृहस्पतिवार से 250,000 से अधिक कामकाजी लोग अपने घरों तक सिमट जाएंगे।
महामारी संबंधी नियमों को सख्ती से लागू कराने के लिए रक्षा कर्मियों और पुलिस अधिकारियों ने गलियों में गश्त की। इन पाबंदियों में सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाना अनिवार्य है।
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ऑस्ट्रेलिया के दूसरे सबसे बड़े शहर को बंद करने से अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंच सकता है। देश की आर्थिक गतिविधि में इस शहर का अक्सर एक चौथाई योगदान रहता है।
हेयरड्रेसर निकी फोइका ने कहा कि हाल के दिनों में उनके पास ग्राहकों की बुकिंग थी लेकिन अब सैलून कम से कम छह हफ्तों के लिए बंद रहेंगे।
उन्होंने मेलबर्न में कोविड-19 के बढ़ रहे मामलों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैं बस उम्मीद करती हूं कि यह सब हमारे काम आए। अगर सभी ने सही व्यवहार किया होता तो शायद यह नहीं हुआ होता।’’ साथ ही उन्होंने यह भी माना कि वह थोड़ी तनाव में हैं।
विक्टोरिया में बुधवार को एक दिन में कोरोना वायरस के सबसे अधिक 725 मामले सामने आए जबकि ऑस्ट्रेलिया में अन्य शहरों में संक्रमण के महज 14 नए मामले ही सामने आए।
विक्टोरिया सरकार की वेबसाइट बुधवार को उस समय क्रैश हो गई जब आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारियों ने परमिट के लिए आवेदन देना शुरू किया। इस परमिट से उन्हें बृहस्पतिवार से काम के लिए घर से निकलने की अनुमति मिल जाएगी।
मेलबर्न में एक कैफे की मालकिन मारिया लातरोउ के उद्योग को आवश्यक काम की श्रेणी में रखा गया है इसलिए वह कॉफी पैक कराकर ले जाने और घर पर पहुंचाने की सुविधा जारी रख सकती हैं।
हालांकि उन्होंने सवाल किया कि क्यों शराब की दुकान को आवश्यक उद्योग की श्रेणी में डाल रखा है लेकिन हेयरड्रेसर को नहीं।
पचास लाख की आबादी वाले मेलबर्न शहर में कई उद्योगों के, दूसरे और सबसे सख्त लॉकडाउन में अपना काम-धंधा बचाए रखने की उम्मीद नहीं है।
आस्ट्रेलिया के उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी माइकल किड ने विक्टोरिया के बाहर रहने वाले आस्ट्रेलियाई निवासियों से मेलबर्न में अपने परिवार और दोस्तों की सहायता करने का अनुरोध किया।
इस लॉकडाउन को लेकर मेलबर्न के निवासी दो खेमों में बंटे हुए हैं। कुछ लोग नयी पाबंदियों से नाखुश हैं जबकि कुछ लोग खुले दिल से इसका स्वागत कर रहे हैं।
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